पटना, (रिर्पोटर) :  कृषि मंत्री डा. प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य के किसानो को यूरिया खाद की ससमय निर्बाध आपूर्ति हो रही है। 31 अगस्त, 2019 तक भोजपुर जिला में 23430 मे.ट., बक्सर में 16330 मे.ट., रोहतास में 31,950 मे.ट., कैमूर में 17,040 मे.ट., गया में 25,718 मे.ट., अरवल में 8,320 मे.ट., वैशाली में 23,785 मे.ट., जमुई में 12,780 मे.ट. एवं कटिहार में 18,910 मे.ट. के आवश्यकता के विरूद्ध 13. अगस्त, 2019 तक क्रमश: यूरिया 21,702 मे.ट., 16,649 मे.ट., 34,060 मे.ट., 17,019 मे.ट., 21,399 मे.ट., 6,618 मे.ट., 28,169 मे.ट., 11,916 मे.ट. एवं 17,546 मे.ट. की आपूर्ति की जा चुकी है। इस तरह राज्य के लिए 9,00,000 मे.ट. यूरिया के आवश्यकता के विरूद्ध 6,36,865 मे.ट. यूरिया की आपूर्ति हो गई है एवं 35,575 मे.ट. रास्ते में है एवं 2,27,560 मे.ट. यूरिया भंडार अवशेष है। किसी भी जिले में यूरिया की आपूर्ति में अनियमितता बरती जाती है तो संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं। निदेशालय के नियंत्रण कक्ष के दुरभाष संख्या 0612-2217103 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में यूरिया की निर्बाध आपूत्र्ति हो रही है। राज्य में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। हमारी सरकार किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी पर निगरानी रखनेे हेतु जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में एवं प्रखण्ड स्तर पर प्रखण्ड प्रमुख की अध्यक्षता में उर्वरक निगरानी समिति गठित है। इन समितियों की नियमित बैठक कराने हेतु सभी जिला पदाधिकारी को संसूचित किया गया है। साथ ही, सभी जिला कृषि पदाधिकारियों एवं प्रमंडलीय संयुक्त निदेशकों को भी सतत् निगरानी रखने एवं सतर्क रहने का निदेश दिया गया है। सभी पदाधिकारियों को उर्वरकों की कालाबाजारी से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने का निदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में उर्वरक की बिक्री केन्द्रों पर पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से 266.50 रूपये प्रति 45 किलोग्राम यूरिया के पैकेट की दर पर ही बिक्री किया जाना है। 01 जनवरी, 2018 से राज्य में सभी खुदरा उर्वरक बिक्रेता को पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से ही उर्वरकों की बिक्री करना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य में उपलब्ध यूरिया का स्टॉक वेवसाइट पर अपलोड है। किसी भी व्यक्ति के द्वारा किसी समय एम.एफ.एम.एस. बेवसाईट पर जाकर डी.बी.टी. रिपोर्ट में देखा जा सकता है कि किस उर्वरक बिक्रेता के पास कौन-सा उर्वरक कितनी मात्रा में उपलब्ध है। अब कोई भी उर्वरक बिक्रेता उर्वरकों की उपलब्धता को छिपा नहीं सकेगा।


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