पटना, (रिर्पोटर) : पटना विश्वविद्यालय के सेन्ट्रल लाइब्रेरी हाॅल में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने 45 साल पुराने संस्मरणों को ताजा करते हुए कहा कि इस लाइब्रेरी का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। 17-18 फरवरी, 1974को इसी हाॅल में बैठक कर बिहार छात्र संघर्ष समिति गठित हुई थी जो बाद में जेपी आंदोलन का मुख्य सूत्राधार बनी और छात्रों के इस आंदोलन के जरिए केन्द्रीय नेतृत्व तक को बदला जा सका। यह केवल ज्ञान का केन्द्र ही नहीं अन्याय, शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनांदोलन का केन्द्र भी रहा है। यहां से सत्ता परिवर्तन की लड़ाई लड़ी गई है।

श्री मोदी ने कहा कि डिजिटल युग में आज दुनिया की अनेक लाइब्रेरी अस्तित्व संकट से जूझ रही है। पटना सेन्ट्रल लाइब्रेरी की प्रासंगिकता इसका डिजिटिलाइजेशन करके ही बचायी जा सकती हैं। आज की जरूरत है कि यहां हाईस्पीट इंटरनेट, वाई-फाई, एक्स्ट्रा पावर प्लग आदि की व्यवस्था हो ताकि छात्र यहां आकर अपने इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस से ई-बुक आदि पढ़ सके। लाइब्रेरी के सारे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के डिजिटिलाइजेशन की आवश्यकता है और सभी छात्रों को मुफ्त एक्सेस की सुविधा मिले जिससे गरीब छात्रों को भी लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि बदले दौर में किसी लाइब्रेरी को डिजिटल करके ही उसे जीवित और प्रासंगिक बनाए रखा जा सकता है।


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