पटना, (रिर्पोटर) : अनु. जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव ने कहा कि प्रदेश के दलित, महादलित का विकास के प्रति राज्य सरकार सजग है। इस वर्ग के आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक, उत्थान के लिए विभाग के माध् यम से कई प्रकार का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सूचना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फेस में पत्रकारों से वार्तालाप कर मंत्री ने विभाग द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की चर्चा कर कहा कि राज्य योजना मद से अनु. जाति एवं जनजाति के लिए वर्ष 2005-6 में 4048.36 लाख था जिसमें लगभग 4 हजार प्रतिशत वृद्धि कर 2019-20 में 160005 लाख रुपया किया गया है। प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में उतीर्ण अभ्यार्थियों को प्रोत्साहन योजना के तहत प्रोत्साहन का लाभ दिया जा रहा है। वर्ष 2018-19 में इस मद में 422.50 लाख रुपया था जिसे वर्ष 2019-20 में 852.50 लाख रुपया किया गया है। अभी तक यूपीएससी के 46 एवं बीपीएससी के 1588 अभ्यार्थियों को इस योजना का लाभ पीएफएमएस के माध्यम से ऑनलाइन संबंधित बैंक खाता में राशि का स्थानांतरण किया गया है।
उन्होंने कहा कि अनु. जाति, जनजाति छात्रावास अनुदान योजना के तहत छात्रावासों में अध्यनरत छात्रों को प्रतिमाह एक हजार रुपया अनुदान का लाभ देने की स्वीकृति दिया गया है। इस योजना के लिए 2019-20 में 530 लाख का प्रावधान है। वर्तमान में अवासीय विद्यालयों की संख्या 111 है इसके अतिरिक्त आठ नया आवासीय विद्यालय बनाया जायेगा। 2019-20 में तीन नये आवासीय विद्यालयों के निर्माण की स्वीकृति प्रस्तावित है। र ाज्य के आवासीय विद्यालयों को प्लस टू में उत्क्रमित किया जायेगा। 93 स्वीकृत इन विद्यालयों में वर्तमान स्वीकृत छात्रावास 31200 से बढक़र 66960 हो जायेगा। वर्ष 2019-20 में आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासें के निर्माा पर 39676.50 लाख रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अनु. जाति एव जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 को अमलीजामा पहनाने के लिए 40 जिलों में विशेष थाना का स्थापना किया गया है। उच्च न्यायालय द्वारा पटना, गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय एवं भागलपुर में अत्याचार निवारण अधिनियम एवं संशोधन अधिनियम 2015 के अन्तर्गत लंबित वादों को निष्पादनार्थ हेतु अनन्य विशेष का स्थापना किया गया है। इस अधिनियम के तहत 435 आश्रितों को पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि थारू जाति के विकास के लिए पश्चिम चम्पारण में थरूहट विकास अभिकरण का स्थापना किया गया है। योजना के कार्यान्वयन के लिए विगत वर्षों में 9545.39 लाख की राशि मुहैया हुई थी। जिसमें 3418.18 लाख व्यय किया गया है। 258 योजनाओं में 243 योजनाओं को पूरा किया गया है शेष लंबित 15 योजनाओं पर काम चलरहा है। इस अवसर पर विभाग के प्रधान सचिव समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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