पटना, (रिर्पोटर) : रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि देश तानाशाही व्यवस्था से नहीं चलता है। लोकतंत्र में नेता का किसी भी स्थान पर जाने से रोकना सही नहीं। केन्द्र सरकार कश्मीर में सामान्य स्थिति होने का दावा ठोक रही है तो वहां नेताओं के जाने पर रोक लगाना यह साबित करता है कि सरकार वहां की सच्चाई को छुपाना चाहती है। पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से वार्तालाप कर श्री कुशवाहा ने कहा कि बिहार की जनता अपराधियों के साये में जीने को विवश है। हर बिहार के लॉ एंड ऑर्डर का सवाल उठ रहा है। सुरक्षा प्रदान करने वाले भी सुरक्षित नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री क्राइम से समझौता नहीं करने की बात करते हैं वहीं उनके राज्य में पुलिस अधिकारी की हत्या हो रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पूर्व के 15 सल के सरकार से अधिक अपराध की संख्या सुशासन सरकार में बढ़ी है। 2004 में संज्ञेय अपराध की संख्या एक लाख चार हजार 778 थी वहीं 2014 में एक लाख 95 हजार 24 एवं 2018 में दो लाख 62 हजार 802 है। वहीं पांच माह में एक लाख 8 हजार 923 हत्या की घटनाएं घट चुकी है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डा. जगन्नाथ मिश्र की अन्त्येष्ठि में पुलिस के हाथों सुरक्षा प्रदान करने वाली रायफल से सलामी के दौरान एक भी रायफल से गोली की आवाज नहीं निकली। मुख्यमंत्री जब 14  वर्षों में बिहार के लिए कुछ नहीं कर सके तो अब 14 माह में प्रदेश की जनता इस सरकार से क्या उम्मीद करेगी। हर मामले में फिसड्डी साबित होने पर मुख्यमंत्री को जनता से माफी मांग कर कुर्सी छोड़ देना चाहिए। उन्होंने पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली के निधन पर शोक प्रकट कर उन्हें श्रद्धांजलि दिया।
इस अवसर पर राजेश यादव, सत्यानंद दांगी, अंगद कुशवाहा, अनिल यादव, भोला शर्मा, अशोक कुशवाहा समेत अन्य उपस्थित थे।

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