पटना, (रिर्पोटर) : श्रम संगठनों द्वारा उठाये गये विभिन्न मुद्वों और आपत्तियों की अनदेखी करते हए मौजूदा सरकार द्वारा संसद में दो श्रम संहिताएं पारित की गई है, जिसके खिलाफ देश के 10 प्रमुख श्रमिक संगठनों द्वारा देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) बिहार से सम्बद्ध विभिन्न श्रम संगठनों द्वारा पूरे प्रदेश में जोरदार तरीके से विरोध-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। पटना में भी डाकबंग्ला चौराहा, स्टेशन गोलम्बर एवं विभिन्न संस्थानों में केन्द्र सरकार के विरोध में मजदूरों ने जकर प्रदर्शन किया। इस आशय की जानकारी इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष -सह- बिहार के प्रदेश अध्यक्ष,  चन्द्र प्रकाश सिंह ने दी।

        श्री सिंह ने बताया कि सरकार ने मजदूरी विधेयक पर संहिता, 2019 तथा व्यवसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामगाजी स्थिति संहिता विधेयक, 2019 को लोकसभा के वर्तमान सत्र में पारित किया है। इन दोनों संहिताओं के लागू होने के साथ हीं 17 मौजूदा श्रम कानून निष्प्रभावी कर दिये जायेंगे। इन दोनों संहिताओं के मसौदें श्रमिकों के हितों के खिलाफ होने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय श्रम मानदंडों के भी प्रतिकूल हैं साथ ही इसमें कर्मचारियों के अधिकारों की भी भारी कटौती की गई है।

        उक्त आन्दोलन के समर्थन में आज डाकबग्ला चौरहा पर इंटक नेता श्रीनंदन मंडल, अर्जून प्रसाद, दशरथ राय, अखिलेश पाण्डेय, आशुतोष, नवीन कुमार सक्सेना, सुरेन्द पासवान, धमेन्द्र कुमार आदि सहित कई इंटक नेताओ एवं श्रमिकों ने केन्द्र सरकार के मजदूर विरोधी नीतियों एंव श्रम कानूनों में किये जा रहे मजूदर विरोधी संशोधनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी एवं प्रदर्शन किया।

                                                              
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