डालटेनगंज, (रिर्पोटर) :  युवा अधिकार यात्रा के जरिए तृतीय व चतुर्थ वर्ग की नौकरियों में स्थानीय युवाओं के लिए सीटें सुरक्षित करने की पुरजोर लड़ाई लडऩे के बाद पूर्व  मंत्री रहे के एन त्रिपाठी ने अब राज्य के सेकंड क्लास गजिस्ट्रेट नौकरियों में भी केवल झारखंडियों की ही नियुक्ति मांग की है। झारखंड के विकास के लिए झारखंडी कैडर की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य के अधिकतर युवा बेरोजगार घूम रहे वहीं शिक्षक से लेकर आईआरबी व अन्य विभागों में अधिकतर दूसरे प्रदेशों के लोग नौकरी कर रहे हैं। चूंकि झारखंड में अनुसूचित जातिए जनजातिए गरीब व पिछडे लोगों की बहूलता है फलस्वरूप पूरे देश के मानव संसाधन के साथ प्रतियोगिता करने में हमारा राज्य अभी सक्षम नहीं है ऐसे में सेकंड क्लास गजिस्ट्रेट ऑफिसर जैसी नौकरियों मसलन झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन जेपीएससी में सरकार अगले 10 साल तक के लिए झारखंडियों के लिए कैप करे ताकि प्रदेश के अधिकाधिक युवा राज्य के विकास में अपना योगदान दे सकें। प्रदेश में रोजगार नीति को अविलंब बदलने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि बीते साल जब हमने तृतीय और चतुर्थ वर्गीय नौकरियों में 11 गैर-अनुसूचित जिलों के स्थानीय युवाओं के हक की आवाज उठाई तब राज्य की रघुवर सरकार ने इसे आंशिक रूप से मंजूरी देते हुए समिति की पांच सिफारिशों में से केवल एक सिफारिश को ही माना ऐसे में श्री त्रिपाठी ने सभी जिलों के तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के नियम एक समान करने की भी मांग सरकार से की।

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