जहानाबाद ,  (रिर्पोटर): राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस-इंटक जहानाबाद जिला का त्रैवार्षिक आम सभा को सहजानंद सरस्वती भवन में संबोधित करते हुए इंटक के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश सिंह ने कहा कि बिहार में रोजगार का अभाव के चलते बिहार के मजदूरों को रोजी रोटी के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है। यहां के गरीब मजदूरों को खेती निर्माण, मनरेगा, स्वरोजगार, सफाई कार्य, घरेलू काम, छोटे-छोटे उद्योग धंधे, ठेला फुटपाथ पर रोजगार एवं सेवा क्षेत्र आदि में कठिन परिश्रम यानि 12-14 घंटे कार्य कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं।

श्री सिंह ने कहा कि निर्माण मजदूरों के कमाई का एक प्रतिशत सब्सिडी के रूपमें करीब 400 करोड़ रुपये बिहार में और करीब 40 हजार करोड़ रुपया देश भर में जमा है। लेकिन निर्माण मजदूरों को विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली सहायता की प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया गया है कि मजदूरों को सहायता राशि नहीं मिल पा रही है। श्री सिंह ने बताया कि बिहार में सरकार ने 60 लाख निर्माण मजदूरों को निबंधित कराने का लक्ष्य रखा है लेकिन वर्ष 2008 से वर्ष 2019 तक अभी तक करीब आठ लाख मजदूरों का ही निबंधन हुआ है। यह बहुत ही निराशाजनक हे। इतना ही नहीं सरकार श्रमिक संघों के अस्तित्व को भी नकार रही है।

श्री सिंह ने बताया कि 30 सितम्बर को पूरे देश के मजदूर संगठनों के लाखों प्रतिनिधियों का जुटान जंतर मंतर दिल्ली में होगा और केन्द्र सरकार के मजदूर विरोधी नीतियों एवं श्रम कानूनों को कमजोर करने के प्रयास का विरोध किया जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि जहानाबाद जिला में एम्बुलेंस कर्मियों से प्रतिदिन 12 घंटे की डयूटी लेकर श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है इसके विरूद्ध जल्द ही पूरे बिहार में आन्दोलनात्मक कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने मजदूरों का आह्वान किया कि निर्माण मजदूरों के निबंधन में दलालों की भूमिका को समाप्त कर कानूनी रूप से इसका अधिकार श्रमिक संघों को दिया जाये इसके लिए जिला में आन्दोलन की तैयारी करें। इस अवसर पर इंटक के प्रदेश महामंत्री श्रीनंदन मंडल, यूथ इंटक के बिहार अध्यक्ष आशुतोष कुमार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरि नारायण द्विवेदी समेत अन्य उपस्थित थे।

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