पटना, (रिर्पोटर) : असली देशी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन यादव ने कहा कि  बिहार में सरकारी तंत्र पूरी तरह ध्वस्त होने के कारण हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है ।  बाढ़ और सुखाड़ का दंश झेल रहे किसानों को राहत देने में राज्य सरकार पूरी तरह नाकाम है।  उन्होंने कहा कि किसानों को मदद मुहैया कराने के नाम पर नीतीश कुमार सिर्फ  ठंडे घर ;वातानुकूलित कमरे, में बैठकर नई-नई योजनाओं की घोषणा कर खानापूर्ति में लगे हैं, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जनता त्राहिमाम है।

श्री यादव ने कहा कि पटवन के लिए डेडिकेटेड कृषि फीडर के माध्यम से किसानों के खेत तक 12 घंटे की बजाय सिर्फ 2 घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है जिससे किसानों में आक्रोश है, गौरतलब है कि नीतीश सरकार ने 31 दिसंबर 2019 तक 1312 कृषि फीडर के माध्यम से किसानों के खेत तक तीन शिफ्टों में चार-चार घंटे यानी 12 घंटे बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया हैद्य 1312 कृषि फीडर में से अब तक करीब 800 कृषि फीडर लगाये जा चुके है, कृषि फीडर लगने से प्रतिवर्ष राज्य सरकार द्वारा दी जा रही डीजल सब्सीडी के रूप में करीब दो अरब रुपये की बचत होगी बल्कि उत्पादन बढऩे से किसानों की माली हालत भी सुधरेगीद्य 76 प्रतिशत कृषि पर निर्भरता वाले इस बिहार में राज्य सरकार सिर्फ कागजी घोषणाएं कर अपनी पीठ थपथपाने में जुटी है, जबकि सरकारी योजनाओं में मची लूट के कारण उसका लाभ जरुरतमंदों तक नहीं पहुँच रहा है।

श्री ललन यादव ने कहा कि लालू-राबड़ी के जंगलराज की बुनियाद पर बनी सुशासन बाबू की सरकार में आये दिन पूरे बिहार में लूट, हत्याए बलात्कार का दौर जारी है, सरकार और प्रशासन अपराधियों के आगे घुटने टेक दिए हैं जिसका नतीजा है कि बिहार के डीजीपी खुद के जाने को खतरा बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधी बेलगाम हैं और आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे है, ऐसी स्थिति में नीतीश सरकार अपराध पर लगाम लगाने की बजाय गुटखे पर पाबंदी लगाकर अपनी कमियों को छुपाने में जुटी है, यह काफी हास्यास्पद और बिहार की जनता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।


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