डेहरी, (रिर्पोटर ) : हसुआ,खुरपी,हल्फार, कुर्सी टेबुल बहुत बनाया। निर्माण करने का हुनर है। इंजीनियरिंग करते रहें है। युग बदला है अब सोशल इंजीनियरिंग करें। सरकार बनाने का काम शुरू करें। जाति से जमायत की और चलें।
     यह बात आज डेहरी ऑनसोन के औधोगिक क्षेत्र के प्रांगण में आयोजित विश्वकर्मा सम्मेलन में मुख्य अतिथि पद से बोलते हुए लोक जनशक्ति पार्टी सेक्यूलर के संस्थापक डॉ सत्यानंद शर्मा ने बोलते हुए कहा कि समय के साथ चलने की जरूरत है। आज सभी दल अतिपिछड़ों को पार्टी में हिस्सेदारी देने की बात कर रहें है। यह समक्ष रहे है कि अतिपिछड़ों का 36 फिसदी वोट के बगैर सत्ता प्राप्त नही कर सकते है परन्तु अतिपिछड़ा समाज आज हिसाब जोड़ रहा है कि पार्टियों में सिर्फ भागीदारी क्यों हम सीधे सत्ता प्राप्त करें और अपना मुख्यमंत्री बनायें। आज इसका डर सभी राजनैतिक दल को हो गया है कि जैसे पहले गुण्डों के भरोसे राजनेता चुनाव जीतते थे, लेकिन 1980 से 2000 तक के दशक में गुण्डों ने सोचा कि राजनेता हमारे ही भरोसे चुनाव जीतते है तो हमी क्यों न चुनाव लड़े और जीते। फिर चुनाव लडऩे लगें और सांसद, विधायक बनने लगें।
    यह तो चुनाव आयोग का धन्यवाद है। उन्हीं का देन है कि राजनीति के अपराधीकरण पर रोक लगा।
      सम्मेलन में वशिष्ठ अतिथि पद से बोलते हुए युवा लोजपा सेक्यूलर के राष्ट्रीय अध्य्क्ष अनिल कुमार पासवान ने अपने संबोधन भाषण में कहा कि राजनीति और राज सत्ता में 74 वर्षो से रोक कर रखा गया है अब विद्रोह हो रहा है यह शुभ संकेत है।
   सम्मेलन को  राज कुमार शर्मा,,शत्रुघन विश्वकर्मा, ब्रज किशोर शर्मा उर्फ पपु शर्मा,चंद्रदीप शर्मा,सुमन्त विश्वकर्मा,दिनेश शर्मा, रमेश कुमार,दीपक शर्मा,शर्मिला देवी,संजय शर्मा,कचहरी पासवान,विकाश पासवान,धनंजय शर्मा सहित अनेकों वक्ताओं ने संबोधित किया।
 

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