पटना,  (रिर्पोटर) :  बिहार राज्य उच्चत्तर माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ की बैठक मां सोमरिया गेस्ट हाउस, राजेन्द्र पथ पटना में आहुत की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार एवं संचालन प्रदेश प्रवक्ता तरन्नुम हफीज ने की। इस बैठक में मुख्य रूप से प्लस-2 अतिथि शिक्षकों की सेवा 60 वर्ष नियमित कर नियोजन में समायोजन की मांग को विचार करते हुए एसटीईटी- 2019 परीक्षा में कार्यरत 4203 अतिथि शिक्षक के पद को रिक्ति दिखाते  हुए परीक्षा का घोषणा करना सरकार का असंवैधानिक निर्णय है इसकी निन्दा की गई। एनसीटीई के प्रावधानों को धज्जियां उड़ाते हुए प्लस-2 शिक्षक के लिये एसटीईटी आयोजन करना तुगलकी फरमान संघ की ओर से करार दिया गया। संघ की ओर से बिहार के मुख्यमंत्री से 15 सितम्बर 2015 तक संघ के डेलीगेट के साथ मिलकर वार्ता करने का आग्रह किया जाता है। अगर इस समय सीमा के अन्दर मुख्यमंत्री की ओर से वार्ता का समय नहीं दिया जाता है तो बिहार के सभी 4203 कार्यरत प्लस-2 अतिथि शिक्षक मुख्यमंत्री आवास के सामने सामुहिक इस्तीफा देते हुए आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। इसकी सारी जिम्मेवारी बिहार के मुख्यमंत्री के ऊपर होगी।

विगत तीन महिनों से लगातार प्लस- 2 अतिथि शिक्षक संघ शांतिपूर्ण तरीके से घेराबये धरना के माध्यम से अपनी मांगों को नियोजन में समायोजन 60 वर्ष तक सेवा को नियमितीकरण करने की मांग को लेकर सरकार को अवगत कराने का प्रयास किया। परन्तु बिहार के शिक्षा मंत्री के द्वारा बार-बार एक सप्ताह के अन्दर नियमितीकरण करने की अधिकारिक घोषणा करने के वादा कर पीछे हटते रहे और अब संघ के डेलीगेट्स के सामने शिक्षा मंत्री का यह कहना है कि विवश हॅू और लाचार है कोई भी निर्णय शिक्षा विभाग का नहीं ले सकता। जो भी निर्णय लेंगे शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ही लेंगे। कहीं कहीं लोकतंत्र की गला घोटने का प्रयास सरकार के द्वारा किया जा रहा है। बिहार के 4203 कार्यरत प्लस- 2 अतिथि शिक्षक का भविष्य शिक्षा विभाग के द्वारा चौपट किया जा रहा है।

इस बैठक में मुख्य रूप से संघ के प्रदेश महासचिव डा. विपिन बिहारी, माधुरी कुमारी, बन्दना यादव राजय सुमन खुखू सिन्हा, ज्योति रानी, मो. सिराज आलम आदि ने भाग लिया।

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