डालटेनगंज, (रिर्पोटर) : शहर के खासमहल ज़मीन को फ्री होल्ड कर लीज धारकों को मालिकाना हक़ दिलाने 'हस्ताक्षर पदयात्रा' पर निकले सूबे के पूर्व मंत्री के एन त्रिपाठी के आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने कल हुई कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित एक प्रस्ताव को पास किया जिसपर श्री त्रिपाठी ने असन्तोष जताते हुए इसे लीज धारकों से दोहरी वसूली वाला फैसला करार दिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट के इस फैसले के तहत खासमहल ज़मीन को फ्री होल्ड करने के लिए सबसे पहले उस जमीन का नवीनीकरण कराना होगा। लीज़ नवीनीकरण के लिए प्रॉपर्टी की वर्तमान कीमत का 15 फीसदी और व्यावसायिक भूमि के लिए 30 फीसदी की राशि एकमुश्ती देनी होगी जिसपर भारी असन्तोष जताते हुए त्रिपाठी ने इसमें अविलंब संशोधन की मांग की है। कैबिनेट के फैसले पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस फैसले के तहत ज़मीन को फ्री होल्ड करने के लिए सबसे पहले लीज़ का नवीनीकरण कराना होगा और इसके बाद 'केस-टू-केस स्टडी' करना होगा ऐसे में 'केस-टू-केस स्टडी' से यह सरकार अपने नेताओं और अधिकारियों को घुस के रूप में बड़ा पैसा दिलाना चाहती है उन्होंने आरोप लगाया। इस फैसले से लीज धारकों को कोई फ़ायदा नहीं होगा और नवीनीकरण के लिए इतनी भारी-भरकम राशि एकमुश्त ज़मा करना उनके लिए नया घर खरीदने जैसा होगा। अतः लीज नवीनीकरण के लिए आवासीय भूखंड निःशुल्क हो व व्यावसायिक ज़मीन पर न्यूनतम 2 से 5 प्रतिशत की राशि लगे उन्होंने सरकार से मांग की।


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