पटना, (रिर्पोटर) :राजद के सहायक राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी चितरंजन गगन ने उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा राजद के बारे में दिये गये बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि मोदी जी को दूसरे पर टिप्पणी करने के बजाय अपने गिरेवां में झांककर देखना चाहिए। जिस पार्टी की बुनियाद हीं जर्मन नाजीवाद के दर्शन पर टिका हो उसके मुंह से लोकतंत्र की बात सुनना हास्यास्पद लगता है।

        राजद नेता ने कहा है कि राजद के सदस्यता अभियान के प्रति लोगों के बढ़ रहे आकर्षण और राजद का सदस्य बनने के लिए लग रही होड़ से भाजपा नेता की बेचैनी बढ़ गई है। विश्व के सबसे बड़े दल होने का दावा करने वाली भाजपा मिस्डकाॅल के माध्यम से पार्टी का सदस्य बना रही है इसके बावजूद उसे लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्व निर्धारित तारीख को बढ़ाना पड़ रहा है।

               राजद नेता ने कहा है कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों के मुंह में लोकतंत्र शब्द अच्छा नहीं लगता। जिस पार्टी ने लोकतंत्र की हत्या कर जनादेश के खिलाफ सत्ता प्राप्ति के लिए नापाक गठबंधन किया है उसे लोकतंत्र की चर्चा करने पर शर्म आनी चाहिए।

               उन्होंने कहा कि भाजपा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर पंचायत अध्यक्ष तक के नाम आरएसएस मुख्यालय नागपुर से तय किया जाता है जबकि राजद में सभी पदों के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनाव होता है। राजद को वैसे दल के नेताओं से सार्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है जिसमें योगी चिन्मयानंद, सेंगर और प्रज्ञा ठाकुर जैसे लोग महत्वपूर्ण पदों पर हैं। जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष को माननीय न्यायालय ने तड़ीपार किया था। भाजपा के निर्वतमान प्रदेश अध्यक्ष और केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री को भी जिला से तड़ीपार किया गया था।

राजद नेता ने सुशील कुमार मोदी से जानना चाहा है कि बिहार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पद पर अभी संजय जयसवाल का मनोनयन किस लोकतांत्रिक प्रक्रिया के आधार पर हुआ है। भाजपा का राजनीतिक आधार हीं धर्म और जाति पर आधारित है । जबकि राजद समाजिक न्याय और साम्प्रदायिक आधार पर जमात की राजनीति करती है ।




Share To:

Post A Comment: