पटना, (रिर्पोटर) : नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि   बिहार में चंद घंटो की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त और प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त है। घर, स्कूल, विश्वविद्यालय, अस्पताल,कार्यालय, दुकान, शोरूम, बाजार, गली-मोहल्लों में हर तरफ गंदे नालों का गंदा पानी जमा है। अस्पतालों में मछलियों के साथ सुशासनी निश्चय, वादे और दावे तैर रहे है।


श्री तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी बतायें,क्या बिहार में चंद घंटो की बारिश को भी आपदा मान लेना चाहिए, चूहों पर बाढ़ का दोषारोपण एवं खोखले सुशासनी दावों वाली सरकार ने राज्यवासियों को नरकीय स्थिति में पहुंचा दिया है। पूरा विश्व नीतीश जी का न्याय के साथ स्वयं घोषित सुशासनी विकास देख रहा है।  हर प्रशासनिक विफलता का दोष चूहों, प्रकृति और विपक्ष पर मढऩे वाली भ्रष्ट नीतीश सरकार की अवसंरचनात्मक नीतियां सिर्फ   बनावटी और जुबानी खर्च है। नीतीश सरकार पूर्णत: गैरजिम्मेदार तरीके से समस्याओं से निपट रही है। बिहार में चंद घंटों की बरसात से ही इस बड़बोली सरकार की पोल-पट्टी खुल जाती है।  नीतीश कुमार और सुशील मोदी सिफऱ् कोरी बातें बनाकर, विपक्ष को गाली देकर, खोखली राजनीतिक बयानबाजी से कुछ लोगों को डर दिखाकर और कुछ को खुश कर अपनी जवाबदेही से इतिश्री कर लेते है। डबल इंजन वाली सरकार केंद्र से मांग करे कि हमारी 15 वर्ष की स्वयंभू सुशासनी सरकार का ढांचागत कागजी विकास चंद घंटो की बारिश में गल जाता है इसलिए बिहार में हुई इस बारिश को ही राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिजीए ताकि हम अपने जनादेश चुराने वाले दागदार चेहरे को और अधिक दागदार होने से बचा सके। हमारी वैसी ही मदद करे जैसी सृजन घोटाले और  मुजफ्फरपुर बालिका गृह जनबलात्कार कांड में की गयी। साथियों, आप हमसे प्यार करे या नफरत, समर्थन करे या विरोध लेकिन हमेशा आपको मुश्किल में डालने वाली विश्वासघाती नीतीश सरकार से सवाल-जवाब अवश्य करे।


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