पटना, (रिर्पोटर) : कुपोषण को ख़त्म करने की मुहिम तेज कर दी गयी है। पिछले वर्ष शुरू की गयी पोषण अभियान से इसमें गति आई है। इसको लेकर सितंबर माह को पूरे राज्य में सुपोषण माह के रूप में भी मनाया जा रहा है। इसी क्रम में  राज्यपाल भवन में अन्नप्राशन दिवस का आयोजन किया गया। राज्य के राज्यपाल फागु चौहान ने बच्चे को पूरक आहार खिलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा समृद्ध समाज की पहचान स्वस्थ समाज से ही होती है। इसके लिए बच्चों का सुपोषित होना बहुत जरूरी है। सुपोषित बच्चे ही स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। पोषण स्तर में सुधार लाना एक चुनौती है। लेकिन सभी विभागों की सहभागिता एवं आम जागरूकता के सहारे कुपोषण को हराया जा सकता है। इसके लिए प्रत्येक स्तर पर सकारात्मक पहल करने की जरूरत होगी। सुपोषण व्यवहार परिवर्तन का परिणाम है। इसके लिए बच्चों, गर्भवती माताओं, धात्री माताओं एवं किशोरियों के पोषण स्तर में सुधार लाना बहुत जरूरी होगा। सरकार द्वारा शुरू की गयी पोषण अभियान इसमें मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही इस अभियान को जन-आंदोलन में तब्दील करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर कार्य करने वाली आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम की भूमिका भी अहम होगी। बच्चे का सम्पूर्ण जीवन उनके बेहतर स्वास्थ्य से ही निर्धारित होता है। जिसमें उनकी माता का बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य भी जरूरी है। एक गर्भवती महिला का स्वास्थ्य उनके किशोरावस्था से ही शुरू हो जाता है। इसलिए किशोरावस्था में भी बेहतर पोषण का खयाल रखना जरूरी होता है। इसके लिए कई सरकारी योजनाएं भी संचालित की जा रही है। सभी सरकारी योजनाओं का उद्देश्य किशोरी से लेकर बच्चों को बेहतर पोषण प्रदान करना ही है। जरूरत इस बात की है कि सभी योजनाओं की कुशल निगरानी के जरिए इसका समुदाय स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।

समाज कल्याण विभाग  के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने कहा शुरुआती 1000 दिनों के सदुपयोग के संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।


आईसीडीएस के निदेशक आलोक कुमार ने कहा पूरक आहार कि थीम पर इस वर्ष पोषण माह मनाया जा रहा है,इसलिए इस माह पूरक आहार पर विशेष बल दिया जा रहा है, इस लिहाज से अन्नप्राशन दिवस का आयोजन पूरक आहार के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में प्रभावी साबित होगा।  पिछले वर्ष सितम्बर माह से ही पोषण माह की शुरुआत हुयी है। पिछले वर्ष बिहार की 30 प्रतिशत आबादी यानि लगभग 3.80 करोड़ लोगों  को पोषण माह के दौरान संदेश दिया गया था। इस बार 60 प्रतिशत यानि लगभग 7.60 करोड़ लोगों को पोषण माह के दौरान जागरूक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

राज्य के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मना अन्नप्राशन दिवसरू राज्य के 91677 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अन्नप्राशन दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान 6 माह से उपर लगभग ढाई लाख बच्चों को पूरक आहार दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्य भर में लगभग 2 लाख से अधिक आईसीडीएस एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के कर्मियों ने योगदान किया।  

इस दौरान आईसीडीएस के सहायक निदेशक श्वेता सहाय, पोषण अभियान के तकनीकी सलाहकार मन्त्रेश्वर झा एवं पोषण सलाहकार डॉ.मनोज कुमार के साथ अन्य राज्य स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।


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