पटना, (रिर्पोटर) : मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर में श्री कृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में कुल 105 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 100 शैय्या के मातृ-शिशु अस्पताल भवन, 136 शय्या का लडक़ों का छात्रावास एवं 40 यूनिट ट्यूटर आवास भवन का उद्घाटन किया गया जबकि 100 शय्या वाले शिशु गहन चिकित्सा इकाई एवं आंतरिक जलापूर्ति के सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इस बात के लिए बधाई एवं धन्यवाद देता हूं कि आज 100 बेड के पिकु का कार्यारंभ हुआ है। इसके पूर्ण होने पर बच्चों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मिल सकेगी। कई अन्य योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन हुआ है, जिसके बारे में विस्तारपूर्वक पहले चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि जून माह में ए.ई.एस. का प्रकोप हुआ था उस दौरान मुझे यहां आने का मौका मिला था, जिस दौरान यहां पीडि़त अभिभावकों, डॉक्टरों, चिकित्साकर्मियों एवं नर्सों से मिलकर इस अस्पताल के बारे में बहुत सारी जानकारी मिली थी। अस्पताल प्रबंधन के प्रयास से काफी बच्चों की जान बचायी गई थी, लेकिन कुछ बच्चों की मृत्यु हम सबके लिए बहुत ही पीड़ादायक रही। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए वर्ष 2015 में विशेषज्ञों के साथ बैठक की गई थी, लेकिन अनुसंधान में इस बीमारी के संबंध में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुॅचा जा सका। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमलोगों ने पिछले कई वर्षों से मुजफ्फरपुर के पांच ब्लॉकों में पीडि़त परिवारों एवं पूरे ब्लॉक के लोगों का सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण कराया जिसमें कई बातों की जानकारी के आधार पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बढ़ाना, महिलाओं को जीविका से जोडऩा, बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचाना, बच्चों को शिक्षित करना जैसे काम कराए जा रहे हैं। मुख्य सचिव के स्तर से इस कार्य की निगरानी की जा रही है। हाषिए पर के लोग जो सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हैं, उन्हें सरकारी लाभ देने का काम किया जा रहा है। हर घर शौचालय का निर्माण, हर किसी को खाद्य आपूर्ति, हर घर नल का जल उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत मकान बनाने के लिये राशि दी जा रही है। जिनका नाम इस योजना में है लेकिन उनके पास जमीन नहीं है उन्हें जमीन खरीदने के लिए राज्य सरकार 60 हजार रुपए की मदद दे रही है और जिनका इस योजना में नाम छूट गया है उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.के.एम.सी.एच. में पहले 14 बेड का इंतजाम था अब यहां अगले साल तक पिकु भी काम करने लगेगा जिससे बच्चों के इलाज में कोई दिक्कत नहीं होगी और उनका ससमय इलाज हो सकेगा। यहां जनप्रतिनिधियों, मीडियाकर्मियों सभी लोगों को पीडि़त को जागरुक करना होगा ताकि वो समय पर अस्पताल पहुंच सकें और उनका इलाज हो सके। अभिभावकों को भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि बच्चे रात में भूखे पेट ना सोएं। बरसात में गया के क्षेत्र में जापानी इंसेफ्लाइटिस का प्रकोप होता है उसका भी टीकाकरण कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण में परिवर्तन से कई प्रकार की परेशानियां हो रही हैं। इस बीमारी का एक कारण पर्यावरण परिवर्तन हो सकता है। उन्होंने कहा कि भूजल का स्तर काफी नीचे जा रहा है। मॉनसून का आगमन समय पर नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु संतुलन के लिए हमलोग जल-जीवन-हरियाली अभियान 02 अक्टूबर से मिशन मोड में चलाएंगे। उसी दिन प्रत्येक पंचायत में जल-जीवन-हरियाली अभियान से संबंधित कोई एक कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल है जीवन है तभी हरियाली है चाहे वो मनुष्य हो या फिर पशु पक्षी का जीवन। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष डेढ़ करोड़ पौधे लगाए गए हैं। राज्य में बंटवारे के समय हरित आवरण 9 प्रतिशत था जो अब बढक़र 15 प्रतिशत हो गया है और इसे 17 प्रतिशत तक करने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर घर नल का जल पहुंचाया जा रहा है लेकिन उसके दुरुपयोग से बचना होगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए हमलोग कई काम कर रहे हैं। इसके तहत तालाब, पोखर, पईन, कुओं का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बापू ने कहा था कि पृथ्वी हमारी जरुरतों को पूरा कर सकती है लालच को नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.के.एम.सी.एच. को 1500 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है, इसका मास्टर प्लान भी दिखाया गया है। यह दो फेज में 750 बेड का बनेगा। उन्होंने कहा कि अंतत: इसे 2500 बेडों का बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का पहले जनसंख्या घनत्व 3.8 था जो अब घटकर 3.2 हो गया है। उन्होंने कहा कि जब पति-पत्नी मैट्रीक पास हैं तो देश का औसत प्रजनन दर दो है और बिहार का भी दो है। अगर पति-पत्नी में पत्नी इंटर पास है तो देश का प्रजनन दर 1.7 है और बिहार का 1.6 है। हमलोगों ने इसे देखते हुये यह निर्णय किया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय खोला जाएगा ताकि लड़कियां मैट्रीक से आगे की पढ़ाई कर सकें। अभी तक 6,000 उच्च माध्यमिक विद्यालय बनाए जा चुके हैं और अगले साल अप्रैल से सभी पंचायतों में 12वीं की पढ़ाई शुरु हो जाएगी। उन्होंने कहा कि घर में बच्ची पैदा होने पर खुशी हो इसके लिए मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना चलायी गई है। बच्ची के जन्म लेने पर 2000 रुपये उनके माता पिता के खाते में चले जाऐंग। एक वर्ष पूर्ण होने पर और बच्ची को आधार से जोडऩे पर 1000 रुपये और दो वर्ष पूर्ण होने पर संपूर्ण टीकाकरण कराने के बाद उसके माता पिता के खाते में 2000 रूपये और चले जाऐंगे। उन्होंने कहा कि लडक़ी अगर अविवाहित है और इंटर पास करेगी तो उसे 10 हजार रुपये और लडक़ी अगर विवाहित या अविवाहित हो और स्नातक उतीर्ण होगी तो उन्हें राज्य सरकार 25 हजार रुपये दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग सडक़ पुल पुलिया एवं अन्य संबंधित विकास के कार्य कर रहे हैं। हर घर बिजली पहुंचाने के बाद अब अक्षय ऊर्जा यानी सौर ऊर्जा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ समाज सुधार एवं सामाजिक उत्थान के काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एस.के.एम.सी.एच.के सभी चिकित्सकों, चिकित्साकर्मियों, छात्र-छात्राओं को विशेष तौर पर बधाई देता हूं कि वे पूरे मनोयोग से काम करते हैं। हम सबको मिलजुलकर काम करना चाहिए। प्रेम-सद्भाव एवं भाईचारे के साथ समाज को आगे बढ़ाएं और जल-जीवन-हरियाली अभियान को एकजुट होकर सफल करें ताकि पर्यावरण संरक्षित हो सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत शॉल, प्रतीक चिन्ह एवं गुलदस्ता भेंटकर किया गया। मुख्यमंत्री ने एस.के.एम.सी.एच. परिसर में वृक्षारोपण भी किया और 1500 बेड के मास्टर प्लान का भी अवलोकन किया। इसके पश्चात् मातृ-शिशु अस्पताल के भवन का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री  मंगल पांडेय, नगर विकास एवं आवास मंत्री  सुरेश शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव  संजय कुमार ने भी संबोधित किया।


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