पटना, (रिर्पोटर) :राजद के युवा नेता प्रेम कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री की कथनी और  करनी में अंतर है। कुर्सी के लिए नीति को ताक पर रखकर वह किसी से भी हाथ मिलाने को तैयार हो जाते है। 2014 के लोकसभा चुनाव में जदयू का भाजपा से अलग होने पर मुख्यमंत्री ने जनता से कहा कि मिट्टी में मिल जाउंगा लेकिन भाजपा के साथ नहीं जाउंगा। विधानसभा के चुनाव में जदयू महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ा और बहुमत मिला जिसमें नीतीश कुमार पुन:मुख्यमंत्री बने। कुछ ही दिनो बाद मुख्यमंत्री महागठबंधन से नाता तोडक़र फिर आरएसएस की गोद में बैठकर भाजपा के साथ सरकार बनाकर मुख्यमंत्री बन गये। यही है इनका नीती। प्रदेश की जनता इनकी नितियों को बखुबी समझ चुकी है। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता सबक सिखाने का काम करेगा।


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