पटना, (रिर्पोटर) : पूर्व केन्द्रीय मंत्री सह रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि राजधानी में जल जमाव के लिए राज्य सरकार दोषी है। पहले से जल निकासी की कोई व्यवथानहीं किया गया। राज्य सरकार के दावा में कोई सच्चाई नहीं है। 15 साल में मुख्यमंत्री बिहार के लिए कुछ नहीं किये, कम से कम जाते -जाते तो कुछ करें। पार्टी कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर श्री कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेश में पर्यावरण संतुलन को लेकर जल जीवन हरियाली के तहत वाटर हावेस्टिंग की बात करते हैं। वहीं राज्य सरकार राजधानी में जलाशय एवं तालाबों पर अतिक्रमण कर इमारत बना रही है। एम्स का भवन, इको पार्क बनाया गया। अधिकारियों को ऐप के माध्यम से तालाब खोजने का निर्देश दिया गया, वहीं राजधानी एवं उसके आस-पास एक हजार से ज्यादा तालाब व जलाशय है जो अतिक्रमण है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल जमाव के लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं लेकिन तालाब व जलाशयों का अतिक्रमित करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी। तालाब व जलाशयों की यही स्थिति बनी रही तो आगे और परेशानी बढ़ेगी। राज्य सरकार जहां जहां अतिक्रमित कर इमारत बनाया है उस जगह का क्षेत्रफल के हिसाब से कहीं भी तालाब व जलाशय बनवाये। भाजपा-जदयू के बीच उत्पन्न तकरार के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह साजिश है कि इस साजिश के तहत जनता की मूल समस्या से ओझल करना है। बिहार की वर्तमान स्थिति केलिए एनडीए गठबंधन दोषी है।
इस अवसर पर सत्यानंद दांगी, राजेश कुमार यादव, फजल इमाम मल्लिक, मीडिया प्रभारी अनिल यादव, भोला शर्मा, अशोक कुशवाहा, कुंदन कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।

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