पटना, (रिपोर्टर) : बिहार में 5 विधानसभा और 1 लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में एनडीए की जीत पक्की बताते हुए भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक “ उपचुनाव वाले क्षेत्रों से आ रही खबरों के मुताबिक जनता एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में पूरे उत्साह से खड़ी वहीँ महागठबंधन के कार्यकर्ता अभी भी आपस में ही उलझे हैं. दरअसल महागठबंधन के नेता जितनी भी अफवाह उड़ा लें लोगों का विश्वास एनडीए सरकार के प्रति और अधिक मजबूत हो गया है, दुसरी तरफ कांग्रेस और महामिलावटी दलों की झूठ और दुष्प्रचार की नकारात्मक राजनीति से लोग पूरी तरह ऊब चुके हैं. लोगों जानते हैं कि केंद्र और बिहार की एनडीए सरकारों के लिए जहां ‘सबका साथ सबका विकास’ महत्वपूर्ण है, वहीं महामिलावटी दल ‘परिवार का साथ, परिवार का विकास’ से आगे देख ही नही सकते. यही वजह है एनडीए के पक्ष में हुई सभाओं में जहां लोग खुद से बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे थे वहीँ महागठबंधन की सभाओं में खाली खानापूर्ति होती रही. यहाँ तक कि लोगों के अनुसार हार स्पष्ट देख कर उनके बचे-खुचे समर्थकों का मनोबल भी टुटा हुआ है. वहीं कई जगहों पर एक दुसरे के विरुद्द प्रत्याशी उतारने के कारण इनके घटक दलों में भी अंदरूनी जंग छिड़ी हुई है. इससे इनका वोट एक दुसरे को ट्रांसफर होना नामुमकिन हो चुका है. इससे साफ़ है कि इन उपचुनावों में एनडीए एक बार फिर से अपना परचम लहराने वाला है वहीं बेमेल महागठबंधन की हवा फिर से निकलने वाली है ।

 श्री रंजन ने कहा “ लोगों का एनडीए सरकार के प्रति उमड़ता जोश यूं ही नही है, बल्कि इसके पीछे बिहार और केंद्र सरकार की वर्षों की मेहनत छिपी हुई है. आज जब लोगों को सड़क, बिजली, पानी, रसोई गैस जैसी सुविधाएं आसानी से मिलती दिखती हैं, तब उन्हें एनडीए सरकार और पूर्ववर्ती सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट दिखाई देता है. आजादी के बाद इतिहास में पहली बार सामान्य वर्ग के गरीब युवाओं को भी 10 प्रतिशत आरक्षण मिल पाया है. महामिलावटी दलों के लाख रोड़े अटकाने के बावजूद ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा मिल चुका है. आज बिहार के गांव-गांव में लड़कियां साईकिल से स्कुल जाती दिखती हैं वहीँ मुस्लिम महिलायें तीन तलाक के दंश से आजाद हो चुकी हैं. यही वजह है जनता अब और विकास चाह रही है और जनता के इसी विश्वास और स्नेह के साथ उपचुनावों में एनडीए का फतह हासिल करना तय है ।


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