पटना, (रिर्पोटर) :   राजद प्रदेश महासचिव भाई अरूण कुमार,रौशन मंडल एवं अत्यंत पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव उपेन्द्र चन्द्रवंशी ने एक संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा कि भाजपा के द्वारा सावरकर को भारत रत्न देने की जो घोषणा पत्र में लिखी गई है उसका विरोध राजद भी करता है और हर स्तर पर विरोध होना चाहिए। भारत रत्न वैसे लोगों को मिलना चाहिए जिसका भारत निर्माण में तथा सामाजिक क्षेत्रों में विषेष योगदान रहा है। इतिहास में साफ लिखा है कि अंग्रेजों ने भगत सिंहए सुखदेव एवं राजगुरू को फांसी सावरकर के गवाही के आधार पर हुई थी। जेल में जब सावरकर को बंद किया गया था तो वे अंग्रेजों से माफी मांकर कर जेल से बाहर आ गए। उसी का वजीफा अंग्रेज सरकार सावरकर को दिया करते थे। सावरकर को भारत रत्न देने की बात कह कर इतिहास से छेड़छाड़ करने की साजिश रची जा रही है। इसकी शुरूआत भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने भी कर दिया और महाराष्ट्र के चुनावी सभा में 1857 की क्रांति में सावरकर का नाम जोड़ दिया और कहा कि 1857 की क्रांति सावरकर के कारण सफल हुई जबकि सावरकर का जन्म 1888 ई0 में हुई थी।



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