पटना, (रिर्पोटर) : एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक की। ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव विनय कुमार ने पथों के निरीक्षण अभियान के अंतर्गत खराब सडक़ों की मरम्मत के संबंध में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि विभाग के द्वारा पथ अनुरक्षण में लापरवाही बरतने वाले कार्यपालक अभियंताओं एवं संवेदकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। सडक़ों के अनुरक्षण के लिए प्रस्तावित निरीक्षण प्रणाली के अंतर्गत चीफ इंजीनियर, सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर सडक़ों का निरीक्षण कर उसका मेंटेनेंस देखेंगे। मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के अधीन टोलों की सडक़ों के निर्माण कार्य के बारे में भी जानकारी दी गई। बैठक में पुल अनुरक्षण नीति के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आबादी बढ़ रही है, वाहनों की संख्या बढ़ रही है इसलिये सडक़ों का बेहतर रखरखाव भी जरुरी है। सडक़ों की मेंटेनेंस पॉलिसी को लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया गया है। ग्रामीण सडक़ों का निरीक्षण कार्य ठीक ढंग से हो इसके लिए विभागीय स्तर पर चीफ इंजीनियर से लेकर जूनियर इंजीनियर तक निरीक्षण कार्य की एक प्रणाली विकसित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों का लक्ष्य है हर गांव और हर टोले को सडक़ से जोडऩा। टोला संपर्क निश्चय योजना के अंतर्गत छूटे हुए टोलों का काम जल्द से जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि सडक़ों के निर्माण की क्वालिटी बेहतर हो, साथ ही उनका अनुरक्षण भी होना जरुरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग अभियंताओं की नियमित ट्रेनिंग करवाएं। ग्रामीण कार्य विभाग और वन विभाग आपस में को-ऑर्डिनेशन बना, रखें। सडक़ों के किनारे वृक्ष लगाने का काम तेजी से किया जाए। ऊंची और चौड़ी सडक़ों के किनारे दो स्तर के वृक्ष लगा, जाएं। सडक़ों के किनारे वृक्ष लगाने से सडक़ों की सुरक्षा तो होगी ही साथ ही पर्यावरण के लिए भी यह लाभदायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग में सहायक अभियंता और तकनीकी पदाधिकारियों की कमी नहीं होनी चाहिए। सडक़ों के निर्माण में प्लास्टिक वेस्टेज का इस्तेमाल करने के लिए भी उपाय करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सेतु निर्माण योजना के अंतर्गत बने पुलों का निरीक्षण एवं मेंटेनेंस तो हो ही साथ ही यह अध्ययन करवा लिया जा, कि कहीं भी किसी गॉव में बने पुराने पुलों की क्या स्थिति है। न, निर्मित पुलों, जिनका एप्रोच कार्य बाकी है उसे भी ठीक कराएं।
बैठक में ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित विभाग के वरीय अभियंतागण उपस्थित थे।

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