पटना, (रिर्पोटर) :  बैंगलुरू के लीला प्लेस में आयोजित टोटल नी आर्थोप्लास्टी कांफे्रंस में देश विदेश के प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञों के समक्ष पारस एचएमआरआई के ज्वाइंट रिप्लेसमेन्ट  सर्जन डा. निशिकांत ने कहा कि टी के आर के कभी कभी फेल्योर होने या  संभावित जटिलताओं से बचने के लिए तीन महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना आवश्यक है, जिसमें  पहला सर्जिकल टेक्निक, पेसेंट सेलेक्शन और इम्प्लांट सेलेक्शन शामिल है।

साइंटिफिक सेशन में टोटल नी रिप्लेसमेन्ट में होने वाले जटिलताओं और उसको दूर करने के उपाय के संबंध में डा. निशिकांत ने कहा कि टीकेआर सर्जरी में सर्जन की स्किल सबसे महत्वपूर्ण  फैक्टर है। किसी भी सफल नी रिप्लेसमेन्ट के लिए चार चीजों का होना आवश्यक है- सॉफ्ट टिशु बैलेन्स, बोनकट्स, सिमेंटिंग और ज्वाइंट लाइन रिस्टोरेशन। बैंगलुरू में  19 अक्तुबर को आयोजित कान्फे्रंस में डा. निशिकांत को आमंत्रित किया गया था। मालूम हो कि डा. निशिकांत  टोटल नी रिप्लेसमेन्ट में प्रचलित आधुनिकतम तकनीक रोबोटिक नेवीगेशन और सी आर नी रिप्लेसमेंट में दक्ष सर्जन माने जाते हैं।


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