रांची, (रिर्पोटर) : मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने हजारीबाग में आयोजित पुलिस अवर निरीक्षकों के पारण परेड समारोह में कहा कि झारखण्ड राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पुलिस अवर निरीक्षकों की बहाली पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त एवं विवादरहित तरीके से हुई है। यह वर्तमान सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त व पारदर्शी शासन का एक शानदार उदाहरण है, जिसके फलस्वरूप आज ढाई हजार नवनियुक्त पुलिस अवर निरीक्षकों की नियुक्ति हुई। जिसमें गरीब, किसान, मजदूर, छोटे व्यवसायी, अल्पसंख्यक समुदाय एवं जनजातीय समुदाय के बच्चों को भी उनके प्रतिभा के आधार पर पुलिस पदाधिकारी की नौकरी बिना किसी पैरवी या पहुंच के प्राप्त हुई हैै। इसके लिए मैं बहाली प्रक्रिया में लगे सभी कर्मचारी और पदाधिकारियों का आभार प्रकट करता हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि  आप से अपेक्षा की जाती है कि आप जनता के साथ अपना मधुर संबंध बनायेंगे और समाज की सेवा पूरी ईमानदारी के साथ करेंगे। हर परिस्थिति में जनता के साथ धैर्यपूर्वक खड़े रहकर जनता का विश्वास आपको हासिल करना है। पूरी निष्ठा के साथ इस राज्य की सेवा में तत्पर हो जायें। राज्य को भयमुक्त व उग्रवाद मुक्त बनाने में अपनी महत्ती भूमिका निभाते हुए झारखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में अपना योगदान दें। भयमुक्त, उग्रवाद मुक्त एवं भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। नवनियुक्त पुलिस पदाधिकारी जनता के साथ मित्रवत व्यवहार रखकर अपना दायित्व निभाएं। आप जैसे युवा शक्ति की आपार शक्ति के सहयोग से सरकार झारखण्ड को भयमुक्त, अपराध मुक्त एवं उग्रवाद मुक्त बनाने के संकल्प को मजबूती मिलेगी।
   
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरे शासनकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। इस लम्बी और जटिल प्रक्रिया को मूर्त रूप देने के लिए मैं गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं अन्य पदाधिकारियों को साधुवाद देता हूँ। पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुगमतापूर्वक संपन्न कराने में वित्त विभाग के द्वारा जो कार्य किया गया इसके लिए मैं वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं अन्य पदाधिकारियों को धन्यवाद देता हूं। राज्य के सभी पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों को उच्चतम एवं आधुनिकतम सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। ताकि वर्ष 2018-19 बैच के अवर निरीक्षकों की तरह ही पुलिस विभाग के सभी पंक्तियों को ऐसी गुणवत्तापूर्ण एवं पेशेवर तरीके से प्रशिक्षित किया जा सके।
पुलिस महानिदेशक  कमल नयन चौबे ने कहा कि आबादी के अनुरूप पुलिस कर्मियों की जरूरत होती है। 11 हजार सिपाहियों और 5 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति एक सकारात्मक पहल है। मुझे उम्मीद है कि जिस प्रकार पुलिस कर्मियों की नियुक्ति हुई है वह बदलाव लाने में सहायक होगा। गुलाम और स्वतंत्र देश में पुलिस की भूमिका अलग अलग होती है। हम गरीब और लाचार लोगों के सेवक हैं। आज अपराध नियंत्रण बुनियादी जरूरत है। राज्य में नक्सलवाद आज अंतिम पड़ाव पर है। हम आधुनिक तकनीक से लैश हैं। आप सभी प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक राज्य विधि व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस मौके पर सांसद हजारीबाग जयंत सिन्हा, सदर विधायक  मनीष जायसवाल, अपर पुलिस महानिदेशक अनिल पालटा, आयुक्त हजारीबाग प्रमण्डल ,अरविंद कुमार, आरक्षी उप महानिरीक्षण, पंकज कम्बोज, उपायुक्त डॉ.भुवनेश प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक मयूर पटेल, जितेन्द्र सिंह  मौजूद थे।

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