भागलपुर, (रिर्पोटर) :  उद्धव ठाकरे एक मराठी राजनेता हैं जो हिन्दू राष्ट्रवादी दल शिवसेना के अध्यक्ष हैं। वे शिवसेना के संस्थापक अध्यक्ष बालासाहब ठाकरे के बेटे हैं। पहले वे शिवसेना के एक मराठी दैनिक 'सामना' का कामकाज संभालते थे। वे पार्टी की चुनाव संबंधी गतिविधियों में भाग लेते थे। वर्ष 2002 में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनावों में पार्टी को सफलता मिली तो उन्हें जनवरी 2003 से पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया था तथा 2004 में उन्‍हें शिवसेना का अध्‍यक्ष घोषित किया गया। एक समय शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे और पार्टी के चर्चित नेता नारायण राणे के बीच मतभेद बहुत बढ़ गए तो राणे को पार्टी से निकाल दिया गया। इसके बाद जब उद्धव ठाकरे और राज के बीच मतभेद बहुत बढ़ गए तो वर्ष 2006 में राज ने शिवसेना छोड़कर नई पार्टी बना ली। मुख्यमंत्री पद की लालसा व महत्वाकांक्षा ने वर्षों से भाजपा से गठबंधन धर्म को समाप्त कर नया गठबंधन एनसीपी और कांग्रेस से बनाकर  येन-केन-प्रकारेण मुख्यमंत्री के पद पर विराजमान होना चाहते हैं। इस सम्बन्ध में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ज्योतिष योग शोध केन्द्र, बिहार के संस्थापक दैवज्ञ पंo आरo केo चौधरी उर्फ बाबा-भागलपुर, भविष्यवेत्ता एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ ने सुगमतापूर्वक बतलाया कि:-शिवसेना के अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे का जन्‍म 27 जुलाई 1960 को हुआ। अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत से पहले उद्धव ठाकरे कला और पर्यावरण में रुचि रखते थे। कन्या लग्न और कर्क राशि व ग्रहण दोष है। अवलोकनोपरान्त ज्ञात हो रहा है कि दैनिक ग्रहों की स्थिति, गोचर व ग्रहण दोष व दशा के फलस्वरूप मुख्यमंत्री के पद पर विराजमान होना ज्योतिष विद्या के आलोक में परिलक्षित नहीं हो रहा है। यानी ग्रहण योग के फलस्वरूप उद्धव ठाकरे के मंसूबों पर पानी फेर सकता है। साथ ही पार्टी को भी अंत की ओर धकेल सकता है।


Share To:

Post A Comment: