पटना, (रिर्पोटर) : राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा जी पटना के मिलर हाई स्कूल के मैदान दुसरे दिन बैठे आमरण अनशन पर बोले कि नीतीश सरकार को हमने 15 नवंबर तक का समय दिया था। लेकिन समय रहते हुए हमारी मांगों को मान लिए होते नवादा और औरंगाबाद के केन्द्रीय विद्यालय खोलने की अनुमति दे दी ये होते तो हमे आज आमरण अनशन करने की जरूरत नही पड़ता। उपेन्द्र कुशवाहा ने संकल्प लिया है कि बच्चों का स्कूल खुलेगा चाहे तो उपेन्द्र कुशवाहा की जान ही क्यों न चली जाए। यह संकल्प हम दोबारा लेते हैं, बच्चों के भविष्य के साथ समझौता नही करेंगे। मुख्यमंत्राी और शिक्षा मंत्री उनके पार्टी के लोग विचित्रा तरह से टिप्पीणी कर रहे हैं। स्वयं बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री ने कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा जी से हमारी बातें नही हुई है। नीतीश कुमार जी ने भी कहा है कि हमसे बात नही हुई है, तो उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्री रहते हुए हमने केन्द्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृती राज्य सरकार को दी थी। हमने भारत सरकार के मंत्री रहते हुए देश के लिए और बिहार के लिए हमने पहल की बिहार के हित के लिए स्कूल खोलने की अनुमति दी थी। हमने मंत्री रहते हुए बिहार के मुख्यमंत्राी जी को पत्र लिख कर दिया था और आज के वर्तमान केन्द्रीय शिक्षा मंत्री भारत सरकार ने भी पत्र लिख कर नीतीश कुमार जी से बिहार में केन्द्रीय विद्यालय खोलने के लिए पत्र दिया है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि हमारी पत्र गलत है और हमने नवादा और औरंगाबाद के केन्द्रीय विद्यालय खोलने का जो आदेश भारत सरकार के मंत्री रहते हुए दिया है वह गलत साबित कर दे नीतीश सरकार तो उपेन्द्र कुशवाहा राजनीति से सन्यास ले लेगा। आगे श्री कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा को लेकर हम जान दे देंगे लेकिन बिहार के बच्चों का भविष्य बर्बाद नही होने देंगे। जब हम मंत्रीमंडल में थे तो सभी दस्तावेज बिहार सरकार एवं मीडिया को दिया है। हमारा कागज गलत है तो सरकार को जो करना है कर ले उपेन्द्र कुशवाहा को मंजूर है। राज्य के शिक्षा बदहाली के लिए जनता आज परिक्षा ले रही है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी मुख्य रूप से दोषी है, शिक्षा व्यवस्था के लिए। राजद के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह जी सैंकड़ों कार्यकताओं के साथ आमरण अनशन में शामिल हुए। साथ ही उन्होने कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा जी के साथ कुछ भी होता है तो राजद चुप नही बैठगी।

वहीं रालोसपा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सह मुख्य प्रवक्ता माधव आनंद ने कहा कि वर्तमान समय में सरकारों द्वारा शिक्षा पर लगातार प्रहार किया जा रहा है, शिक्षण संस्थानों पर हमले लगातार जारी हैं तथा शिक्षा बजट में कटौती जारी है। राज्य में शिक्षा की स्थिति अत्यंत नाजुक है तथा शिक्षण संस्थानों ने लापरवाही तथा भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता से आज प्रदेश के लाखों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर सकने में अक्षम हैं, सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन कार्य बाधित है तथा शिक्षण अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं, सरकार शिक्षा के प्रति पूरी तरह उदासीन होकर आंखे मुंदी हुई है।  कल से आमरण अनशन पर कार्यकारी अध्यक्ष रेखा गुप्ता, मो. कामरान, मालती कुशवाहा, स्वीटी प्रिया बैठेंगे।

आमण अनशन में शामिल नेताओं में कांग्रेस पार्टी के विधायक शकिल अहमद, माले विधयक सुदामा प्रसाद, माले नेता महबूब आलम, सी.पी.एम. के प्रदेश सचिव अवधेश कुमार, राजद के पटना जिलाध्यक्ष देवमुनि यादव, रालोसपा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सह मुख्य प्रवक्ता माधव आनंद, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता फजल ईमाम मलिक, अंगद कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व सांसद भूदेव चौधरी, अभियान समिति के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र नाथ, प्रदेश प्रधान महासचिव निर्मल कुशवाहा, पूर्व मंत्री बिहार सरकार वृर्षण पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष बिरेन्द्र कुशवाहा, रेखा गुप्ता, बी.के. सिंह, चंदन बागची, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता ई. अभिषेक झा, पार्टी प्रवक्ता भोला शर्मा, मीडिया प्रभारी अनिल यादव, युवा प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु पटेल, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मधु मंजरी, किसान प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा, संजय मेहता, मालती कुशवाहा, अख्तर नेहाल, मोहन यादव, डॉ. बिरेन्द्र प्रसाद, उपेन्द्र पासवान, अशोक कुशवाहा, रामशरण कुशवाहा, सौरभ सागर, बिनोद कुमार पप्पु, अमरेन्द्र कुमार, अनीश कुमार डब्लू, स्वीटी प्रिया, बी.सी. पटेल, पिन्टू कुशवाहा, मनोज कुमार सिंह, सीमा कुशवाहा अन्य नेता मौजूद थे।


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