पटना, (रिर्पोटर) :  “श्री गुरू नानक देव जी के 550वीं जयंतीके अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के लोक संर्पक एवं संचार ब्यूरो, पटना द्वारा आज पटनासिटी स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय परिसर में मल्टी-मीडिया, डिजिटल फोटो प्रदर्शनी एवं लेजर शो का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बिहार के राज्यपाल फागू  चौहान ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सबर कीर्तन एवं एसएसबी, पटना के बैंड धुन जन गण मन से किया गया। मौके पर पाटलिपुत्र के सांसद  रामकृपाल यादव, कुम्हरार के विधायक अरुण कुमार सिन्हा, पटना नगर निगम की महापौर श्रीमति सीता साहू, आरओबी के महानिदेशक  एस के मालवीय, तख्त हरिमदिंर साहिब, पटना के महासचिव सरदार महेन्द्र पाल सिंह ढ़िल्लन भी उपस्थित थें।

 

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि सिखों के प्रथम गुरू श्री गुरू नानक देव जी विश्व शांति और मानवता के उच्चतम मूल्यों को स्थापित करना चाहते थें। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वे 1499 से ही सक्रिय हो गए थें और जीवन भर मानव सेवा के इस भाव के प्रति वे समर्पित रहें। आदि गुरु गुरु नानक देव जी ने यह संदेश दिया कि ईश्वर सत्य है और मनुष्य को अच्छे कार्य करने चाहिए ताकि परमात्मा के दरबार में उसे लज्जित न होना पड़े। उन्होंने कहा कि गुरूनानक देव जी का मानना था कि पण्डित शास्त्र पढ़ते हैं लेकिन विचार को नहीं समझ पाते। वे दूसरों को उपदेश तो देते हैं, चूकिं इससे उनका माया का व्यापार चलता है। उनकी कथनी झूठी है और वे केवल संसार में भटकते रहते हैं। उन्हें शब्द के सार का कोई ज्ञान नहीं है।

 

गुरुनाक जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा कि प्रेम, शांति, सदभावना और एक ईश्वर के प्रति भक्ति के संदेश को लोगों तक पहूंचाने के लिए गुरू नानक देव जी ने दूर-दूर तक यात्रा की। लगभग दो दशकों में उन्होंने चालीस हजार मील की यात्रा की। कहा जाता है कि पूर्व दिशा की ओर अपनी पहली यात्रा के दौरान वे वर्ष 1506 में बिहार आए थे। गंगा के किनारे-किनारे चलते हुए बक्सर से उन्होंने बिहार में प्रवेश किया था और आरा, छपरा होते हुए वे पटना पहूंचे थें और यहां से वे गया-बोधगया, रजौली और राजगीर भी गए थे। पटना प्रवास के समय वे अपने एक प्रमुख शिष्य सलस राय की हवेली में करीब 08 महिने तक ठहरे थे, जहां से प्रस्थान करते समय उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि इस स्थान पर एक महान पुरूष का जन्म होगा। इसी हवेली में गुरू गोविन्द सिंह जी का जन्म हुआ जिसे तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब के नाम से जाना जाता है।

 

इस मौके पर पाटलिपुत्र के सांसद  राम कृपाल यादव ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले एक साल से केवल देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी श्री गुरू नानक देव जी 550वीं जयंती को हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। गुरु नानक देव के संदेशों व उपदेशों का जीक्र करते हुए सांसद महोदय ने कहा किईश्वर एक है और वह सभी जगह मौजूद है। उन्होंने आगे कहा कि आदि गुरु गुरुनानक देव ने “Sharing and Giving” का संदेश दिया है। गुरुनानक हमेशा महिलाओं की सम्मान में सुधार की बात करते थें और सती प्रथा का विरोध करते थें।

 

श्री यादव ने कहा कि सिखों के सबसे पवित्र स्थल एवं गुरु नानक जी के कर्मभूमि करतारपुर में कॉरिडॉर का निर्माण करवाकर सद्भावना एवं शांति का बेमिसाल उदाहरण पेश किया है। इसके लिए हम सभी माननीय प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हैं।

 

कार्यक्रम के दौरान कुम्हरार के विधायक  अरुण कुमार सिन्हा, पटना नगर निगम की महापौर श्रीमति सीता साहू, आरओबी के महानिदेशक  एस के मालवीय, तख्त हरिमदिंर साहिब, पटना के महासचिव सरदार महेन्द्र पाल सिंह ढ़िल्लन ने भी गुरु नानक देव जी के विचारों व संदेशों के बारे में सभा को संबोधित किया।

 

मौके पर आरओबी के निदेशक विजय कुमार, पीआईबी के निदेशक दिनेश कुमार, सहायक निदेशक  संजय कुमार भी उपस्थित थें। कार्यक्रम का संचालन आरओबी के सहायक निदेशक एन एन झा ने किया।

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