पटना, (राकेश कुमार चौधरी) :  पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि राज्य एवं केन्द्र  सरकार के गलत नीति के कारण  देश की आवाम को महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी झेलना पड़ रहा है। इन जन विरोधी नीतियों के ख़िलाफ आम जनता के साथ ही विपक्षी दलों के नेताओं ने भी सडक़ों पर उतरने और सरकार के ख़िलाफ़ हल्ला बोल करने का काम किया है,सरकार के इशारों पर देश में सांप्रदायिक उन्माद फैलाया जा रहा है । एक तरफ जहां केंद्र सरकार आरक्षण एवं संविधान के साथ खिलवाड़ करते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की सेवाओं का धड़ल्ले से निजी करण कर रही है । जिसके चलते आरक्षण समाप्त होने के कगार पर है । दूसरी तरफ राज्य की सरकार कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने में पूर्णता नाकामयाब हो गई है। बिहार में  नाबालिक लड़कियों के साथ बलात्कार की घटना रोज व रोज घट रही है । हत्याए डकैती, लूट, रोजमर्रा की चीज हो गई है । शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है। जिसके कारण अमीर लोग तो लाखों रुपए सालाना खर्च कर अपने बच्चों को तो पढ़ा लेते हैं । पर गरीब के बच्चे पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं । जिसके चलते गरीबों में बेरोजगारी की भयंकर स्थिति उत्पन्न हो गई है।

      मांझी ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। जिसका नतीजा यही है कि जन नायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर मधेपुरा में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सैकड़ों चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारी बिना काम के वर्षों वर्षों से वेतन उठा रहे हैं । यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य महकमे में देखी जा रही है।

      मांझी ने कहा राज्य सरकार का सभी विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है बिना रिश्वत दिए हुए कोई काम नहीं हो पाता है।   मांझी ने कहा कि अनुसूचित जाति छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में घनघोर अनियमितता व्याप्त है। अनुसूचित जाति जनजाति छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति नहीं दी जा रही है। जिसके कारण राज्य एवं बाहर में पढऩे वाले छात्र छात्राओं का प्रमाण पत्र जप्त कर लिया गया है। मांझी ने कहा इन्हीं मुद्दों पर प्रदर्शन किया गया पर आश्चर्य इस बात के लिए है कि ज्ञापन देने के लिए निर्धारित समय तय किया गया था, पर ज्ञापन प्राप्त करने के लिए कोई सक्षम पदाधिकारी नहीं थे। जिसके कारण ज्ञापन नहीं दिया गया। यह जनतंत्र एवं जनतांत्रिक मूल्यों का घनघोर अपमान है। आक्रोश मार्च में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीएल वैश्यन्त्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ  उपेंद्र प्रसाद,अजय यादव,राजेश्वर मांझी, देवेंद्र मांझी,  विजय यादव, रामविलास प्रसाद, मसूद रजा,अमरेंद्र त्रिपाठी, गीता पासवान, रामचंद्र रावत, महेंद्र सदा, मो तनवीर उल रहमान, रविंद्र शास्त्री, अनिल रजक, राजीव बलमा बिहारी, रामनिवास पाल, पप्पू शाह, द्वारका पासवान, बसंत कुमार गुप्ता,पंकज बरनवाल  शामिल थे।


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