पटना, (रिर्पोटर) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) नियम 1995 एवं संशोधन नियम-2016 के अंतर्गत राज्य स्तरीय सतर्कता और मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई। बैठक में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव प्रेम कुमार मीणा ने विगत बैठक की कार्यवाही अनुपालन की विस्तृत जानकारी दी। समीक्षा के क्रम में गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, पुलिस महानिदेशक /पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग)/अपराध अनुसंधान विभाग/निदेशक अभियोजन द्वारा इस संबंध में किए जा रहे कार्यों की बिंदुवार जानकारी दी गई। बैठक में पुलिस महानिदेशक के स्तर पर दोष सिद्धि दर, पीडि़त व्यक्तियों को दी जाने वाली राहत, पुनर्वास सुविधाओं एवं उनसे जुड़े अन्य मामलों की भी समीक्षा हुई। जिलास्तर पर गठित निगरानी एवं अनुश्रवण समिति के कार्यकलापों की भी जानकारी दी गई।                 

समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि विधि विभाग द्वारा अनन्य  विशेष न्यायालयों में अनन्य विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की जाए। इच्छुक, योग्य एवं प्रतिबद्ध अधिवक्ताओं को दायित्व सौंपा जाए तथा अयोग्य विशेष लोक अभियोजकों को दायित्व से मुक्त किया जाए, ताकि लंबित कांड के निष्पादन में तेजी लायी जा सके। समय-समय पर अधिनियम एवं अधिनियम के प्रावधानों में हुए परिवर्तन को देखते हुए संबंधित पदाधिकारियों के लिए इस नियम एवं अधिनियम के कार्यान्वयन हेतु नियमित रुप से प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिलास्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण की नियमित बैठक आयोजित की जाए। महादलित के अलावा सभी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वास रहित परिवारों को वास भूमि उपलब्ध करायी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत जिन लोगों को आवास का आवंटन हुआ है लेकिन उनके पास जमीन नहीं है उन्हें जमीन खरीदने के लिए राज्य सरकार 60 हजार रुपए मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि सभी थानों में दर्ज कांडों की समीक्षा थानावार पुलिस महानिदेशक के द्वारा की जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि जनवरी माह में ही 26 जनवरी के बाद किसी दिन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) नियम 1995 एवं संशोधन नियम-2016 के अंतर्गत राज्य स्तरीय सतर्कता और मॉनिटरिंग समिति की फिर से बैठक होगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी बातें रखीं तथा पीडि़त व्यक्तियों को यथाशीघ्र राहत देने हेतु अपेक्षित कार्रवाई का अनुरोध किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री  रमेश ऋ षिदेव, योजना एवं विकास मंत्री महेश्वर हजारी, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, उद्योग मंत्री  श्याम रजक, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, सांसद  विजय कुमार, विधायक ललन पासवान, विधायक  मनीष कुमार, विधायक श्रीमती भागीरथी देवी, विधायक श्रीमती प्रेमा चौधरी, विधायक श्रीमती वीणा भारती, विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, विधायक  प्रभुनाथ प्रसाद, विधायक  रत्नेश सदा, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय, अपर मुख्य सचिव गृह आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव भूमि एवं राजस्व सुधार विवेक कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  चंचल कुमार, सचिव अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण प्रेम कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव  अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के सचिव एवं वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।


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