पटना, (रिपोर्टर) : कांग्रेस पर झूठ बोल अल्पसंख्यकों को भड़काने का आरोप लगाते हुए भाजपा प्रवक्ता व पिछड़े समाज के नेता श्री राजीव रंजन ने कहा “ भारत के पड़ोसी मुल्कों में धार्मिक आधार पर प्रताड़ना के शिकार लाखों-करोड़ों लोगों को उम्मीद की एक नयी किरण देने वाले नागरिकता संशोधन बिल पर कांग्रेस जिस तरह से देश के अल्पसंख्यक समाज को डराने की नकारात्मक राजनीति कर रही है, उससे उनकी ओछी मानसिकता का पता चलता है. खुद गृहमंत्री अमित शाह ने बार बार यह स्पष्ट किया है कि इस विधेयक का देश के किसी नागरिक से संबंध है ही नहीं, बल्कि यह पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान में दशकों से धार्मिक आधार पर यातना झेल रहे रहे वहां के अल्पसंख्यकों के बारे में है. वास्तव में आजादी के वक्त अगर कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का विभाजन न किया होता, तो इस बिल को लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. आंकड़ो को देखें तो हिंदुस्तान में 1951 में 9.8% मुस्लिम थे, आज 14.23% हैं. हिंदुस्तान में हिन्दुओं की जनसंख्या 1991 में 84% थी, 2011 में यह घट कर 79% रह गई.  यानी जहां मुस्लिम समाज की आबादी लगातार बढ़ रही वहीं बहुसंख्यकों की आबादी घटती जा रही है. इसलिए हिंदुस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव की बात करना ही बेमानी है. जितने हक़ और हुकूक मुसलामानों को यहाँ मिल रहे हैं, उतने किसी अन्य देश में नहीं. इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा देश के अल्पसंख्यकों को इस मुद्दे पर भड़काना यह साबित करता है कि इनके लिए चंद वोट देश की एकता से ज्यादा महत्व रखते हैं।

श्री रंजन ने कहा “ आज यह इन्हीं जैसे दलों द्वारा फैलाई गयी अफवाहों का नतीजा है कि पूर्वोतर के कुछ इलाकों में अशांति फ़ैल रही है. लोगों की माने तो इसके पीछे भी कांग्रेस से जुड़े लोगों का ही हाथ है. एक अंग्रेज द्वारा शुरू की गयी कांग्रेस ने वोटों के लिए हमेशा ही अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति का अनुसरण किया है और शायद इसीलिए इनके भविष्य को भांपते हुए स्वयं महात्मा गाँधी ने आजादी के बाद इसे भंग कर देने की मांग की थी. कांग्रेस यह जान ले कि उसके प्रप्रंच जनता से छिपे नहीं है. देश की कीमत पर राजनीति करने वालों को जनता कभी नहीं माफ़ करेगी।



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