पटना, (रिपोर्टर) :  राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की लगाई आग ने कई जिंदगियां लील लीं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस पर न तो अफसोस जताया और न ही मारे गए लोगों के परिजनों से संवेदना जताई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि देश तोडऩे वालों से लोग सावधान रहें,सरकार इस मुद्दे को हिंदू बनाम मुसलिम करने में लगी है, लेकिन यह मसला हिंदू-मुसलिम का नहीं देश का ह। पार्टी नेता फजल इमाम मल्लिक ने बयान जारी कर कहा कि उपेंद्र कुशवाहा का मानना है कि सीएए और एनआरसी के जरिए केंद्र सरकार गरीबों, पिछड़ों, दलितों और मुसलमानों को निशाना बनाने में लगी है, उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्र सरकार पर देश के लोगों को वरगलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार भाजपा और आरएसएस के एजंडे को आगे बढ़ाने में लगी है। नरेंद्र मोदी बाबा भीमराव आंबेडकर के संविधान को बदल कर देश को तोडऩे की साजिश में लगे हैं, नरेंद्र मोदी और अमित शाह सीएए और एनआरसी को लागू कर देश के गरीबोंए आदिवासियोंए पिछड़ों, दलितों और मसुलमानों को वोट के अधिकार से वंचित करना चाह रहे हैं और उनको मिलना वाले सरकारी लाभ और आरक्षण जैसी सुविधाएं खत्म करने में लगे हैं।
उपेंद्र कुशवाहा ने सभी संप्रदाय के लोगों से अपील की कि वह भाजपा की साजिश को समझें और आपस में न लड़ कर सरकार के खिलाफ  लड़ें। उन्होंने कहा कि देश में अमन कायम कर भाईचारा बनाए रख कर ही हम केंद्र के तानाशाही रवैये के खिलाफ संघर्ष कर सकते हैं। उन्होंने तमाम लोगों से सदभाव बनाए रखने की अपील की सीएए और एनआरसी के खिलाफ 26 दिसंबर से उपेंद्र कुशवहा जागरूकता यात्रा शुरू करेंगे और यात्रा के दौरान लोगों को इसकी असलियत बताएंगे।

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