पटना, (रिपोर्टर) :राज्यसभा में पेश किए कराधान संशोधन विधेयक 2019 का जनता दल यूनाइटेड के वरीय नेता व सांसद आरसीपी ने समर्थन किया। सरकार ने इस बिल के जरिए देश में कारपोरेट टैक्स की दर 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत और नई मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों हेतु 15 प्रतिशत की दर करने की घोषणा की थी। इसका लाभ उठाने वाली कंपनियों को दूसरी कोई भी छूट नहीं मिलेगी। राज्यसभा में बिल का समर्थन करते हुए जदयू सांसद ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा इससे फीयर (डर) का माहौल बनाए जाने की बात को जोरदार तरीके से काटा। उन्होंने कहा कि आप इसे फीयर नहीं फेथ के रूप में देखिए। देश का बेसिक सिस्टम काफी मजबूत है। विश्वास रखिए देश आगे बढ़ेगा। हमें इसके लिए सिस्टम पर विश्वास रखना होगा।

आरसीपी सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत में टैक्स का स्तर काफी नीचे है। यह एक बेहतर माहौल को दर्शाता है। पहले की सरकारों में टैक्स की दर को बढ़ाया जाता था। अब हर प्रकार के टैक्स घटाए जा रहे हैं। आप 1980 के टैक्स स्ट्रक्चर को देखेंगे तो उस समय वैश्विक स्तर पर टैक्स की औसत दर 38.86 फीसदी था। आज के समय में वैश्विक स्तर पर औसत टैक्स दर 23,03 है। मतलब साफ है कि पूरी दुनिया में टैक्स की दरों में कमी आई है। ऐसे में अगर हम अपने देश में टैक्स की दर को कम नहीं करेंगे तो फिर समस्याएं हमारे सामने आएंगी। आप वैश्विक स्तर पर आगे निकली अर्थव्यवस्था को देखें तो पाएंगे कि अमेरिका की टैक्स दर 27 फीसदी है और चीन की 25 फीसदी। भारत की तरह ही विकासशील ब्राजील में टैक्स दर 34 फीसदी, फ्रांस में 31 फीसदी व जर्मनी में 30 फीसदी है।

आरसीपी सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने जिस प्रकार से कॉरपोरेट टैक्स का निर्धारण किया है, उसका काफी हद तक फायदा होगा। इससे मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियां देश की तरफ आकर्षित होंगी। प्रोडक्शन में बढ़ोत्तरी होगी तो हमारे यहां रोजगार के नए अवसर बनेंगे। इसको लेकर हमें सकारात्मक सोच अपनानी होगी। इससे निश्चित तौर पर सप्लाई साइड में बढ़ोत्तरी होगी। सांसद ने कहा कि सरकार ओर से जल्द ही डायरेक्ट टैक्स कोड लाए जाने की बात कही जा रही है। इसके आने से टैक्स का ढांचा सुधरेगा। छोटे निवेशकों को इससे फायदा होगा। सांसद ने कहा कि मांग को बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके ग्रामीण स्तर तक बढ़ाने की जरूरत है। एयरपोर्ट व रेलवे में काम बढ़ने से लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। लोगों के पास पैसा आएगा तो मांग अपने आप बढ़ जाएगी।

सांसद ने कहा कि सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र तक के लोगों की आय को बढ़ाया जा सके। किसानों की आय को बढ़ाने पर सरकार जोर दे रही है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का बड़ा सहयोग होने वाला है। सांसद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया कि इस योजना में किसानों की परिभाषा को स्पष्ट किया जाए। बिहार व उत्तर भारत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जमीन का मालिक कोई और होता है। उस जमीन पर खेती कोई और करते हैं। ऐसे में छह हजार रुपए की राशि देने की जो घोषणा की गई है, वह खेतिहर किसानों तक पहुंचे, इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। बटाई पर खेती करने वालों की जेब में भी पैसा जाए, इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों के लोगों की जेब में पैसे जाएंगे तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को विकसित करने में मदद मिलेगी। मांग बढ़ेगा और देश विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा हो सकेगा।


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