पटना, (रिपोर्टर) : जल-जीवन-हरियाली यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रजौली प्रखंड के हरदिया पंचायत में आयोजित  जागरूकता सम्मेलन में 180 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत वाली 57 योजनाओं का उद्घाटन एवं 389 करोड़ 26 लाख रुपये की लागत से  256 योजनाओं का शिलान्यास किया। 
जनसभा को संबोधित कर मुख्यमंत्री ने कहा कि   आपने जब से हमें काम करने का मौका दिया है, तब ही से हम न्याय के साथ विकास का काम कर रहे हैं। हमने हाशिये पर खड़े सर्व समुदाय के लोगों के उत्थान के लिये भी विशेष काम किया है। विशेष पहल कर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे की दिशा में काम किया गया है। बिहार में आबादी का घनत्व सबसे अधिक होने के बावजूद भी विकास कार्यों के जरिये देश और दूसरे प्रान्तों के औसत विकास दर को पछाड़ते हुए पिछले वर्ष हमलोगों ने बिहार का विकास दर 11.3 प्रतिशत तक पहुंचाने में कामयाबी हासिल की। कृषि रोड मैप के जरिये कृषि के क्षेत्र में बेहतर काम हुआ और अब हमलोग 7 निश्चय योजना के माध्यम से पूरे बिहार के लोगों तक हर जरूरी बुनियादी सुविधाएं पहुंचा रहे हैं।  नारी उत्थान के लिए वर्ष 2006 में कानून बनाकर पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकाय के चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मुहैया कराने वाला देश का पहला राज्य बिहार है। पुलिस के अलावा राज्य सरकार की सभी नियुक्तियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया। सरकारी विद्यालय में पढऩे वाली बालिकाओं के लिए पोशाक योजना और 9वीं कक्षा में उन्हें साइकिल योजना का लाभ दिया गया जिसका नतीजा है कि आज 9वीं कक्षा में पढऩे वाली लड़कियों की संख्या लडक़ों के बराबर है। पहले 9वीं कक्षा में पढऩे वाली लड़कियों की संख्या 1 लाख 70 हजार थी जो अब बढक़र 9 लाख से भी अधिक हो गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इलाके का 90 गांव फ्लोराइड प्रभावित है जहां शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में काम तेजी से किया जायगा। दिसंबर माह तक इस काम को पूरा कराने का लक्ष्य था, मैं इसके लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को बधाई देता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 जुलाई 2015 को एक सम्मेलन में महिलाओं की मांग पर शराबबंदी लागू की गई, इससे महिलाओं और बच्चों को काफी फायदा पहुंचा है।  शराबबंदी के अभियान को निरंतर जारी रखना होगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ हम समाज सुधार का काम भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन पहले ही राजस्थान से एक टीम बिहार में जगह-जगह शराबबंदी के प्रभाव का अध्ययन करने आयी थी। वहॉ की सरकार ने उनको भेजा था। टीम के सदस्यों ने स्थानीय लोगों से बातचीत की, समझा और देखा कि बिहार में शराबबंदी प्रभावी तरीके से लागू है। कुछ लोग हैं जिन्हें पीने का मन करता है तो वे शराब की होम डिलीवरी जैसी फिजूल बातें कर अफवाह उड़ाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ हम निरंतर अभियान चला रहे हैं। बाल विवाह की शिकार अधिकांश महिलाओं की मौत हो जाती है और उनसे जो बच्चे पैदा होते हैं, वे अनेक समस्याओं से ग्रसित होते हैं।  सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ व्यापक जन चेतना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और मौसम में बदलाव के कारण बिहार कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ का दंश झेल रहा है। पिछले वर्ष बिहार के सभी 534 प्रखंडों में से 280 प्रखण्ड को सूखाग्रस्त घोषित करना पड़ा। जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण में आए बदलाव को देखते हुए हमने इस वर्ष 13 जुलाई को विधानमंडल सदस्यों की एक संयुक्त बैठक बुलाई जो आठ घंटे तक चली। इसी बैठक में हमलोगों ने पूरे बिहार में जल-जीवन- हरियाली अभियान चलाने का निर्णय लिया। इस अभियान में जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम को भी जोड़ा गया है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत अगले 3 वर्षों में 24 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि खर्च कर 11 सूत्री कार्यक्रम को मिशन मोड में पूरा करना है ताकि जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न संकट से लोगों को निजात दिलाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिहार में 15 जून से ही मॉनसून की शुरुआत हो जाती थी और औसतन 1200 से 1500 मिलीमीटर वर्षापात हुआ करता था लेकिन पिछले तीस सालों के वर्षापात का अगर रिकॉर्ड देखें तो यह 1027 मिलीमीटर पर पहुंच गया है। वहीं विगत 13 वर्षों के वर्षापात के आंकड़ों को देखें तो यह घटकर 901 मिलीमीटर पर पहुंच गया है। हमने देखा कि इस वर्ष भूजल स्तर दक्षिण बिहार के साथ-साथ उत्तर बिहार के दरभंगा में भी काफी नीचे चला गया था। राजगीर और बोधगया के बाद दूसरे चरण में गंगा का जल नवादा में पहुंचाने का हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि झारखंड अलग होने के बाद बिहार में हरित आवरण मात्र 9 प्रतिशत ही रह गया था। वर्ष 2012 से हरियाली मिशन के तहत पूरे बिहार में 19 करोड़ पौधे लगाये गये, जिसके बाद बिहार का ग्रीन कवर एरिया बढक़र 15 प्रतिशत पर पहुंच गया। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 8 करोड़ पौधे और लगवाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा ही अक्षय ऊर्जा है जो हमें पृथ्वी का अस्तित्व बरकरार रहने तक सदैव मिलता रहेगा। ग्रिड के माध्यम से हम जो बिजली पहुंचा रहे हैं, उसकी एक समय सीमा है क्योंकि कोयले का सीमित भंडार है इसलिए सौर ऊर्जा के प्रति हमलोग लोगों को प्रेरित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फुलवरिया जलाशय इतना बड़ा और बढिय़ा है कि ऐसा डैम पूरे बिहार में कहीं नहीं है। वहां के पानी को शुद्ध करके 90 फ्लोराइड प्रभावित गावों के लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।  हम किसी की उपेक्षा नहीं करते बल्कि सबका उत्थान करते हैं। कुछ लोगों की प्रवृत्ति होती है झगड़ा लगाने की लेकिन हमलोगों का विचार हमेशा एकजुट करने का रहा है इसलिए एक-दूसरे के प्रति मन मे श्रद्धा, प्रेम और भाईचारे का भाव रखना चाहिये, इससे देश और समाज आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि 19 जनवरी 2020 को आधे घंटे के लिए दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ जबकि शराबबंदी और जल-जीवन-हरियाली अभियान के पक्ष में मानव श्रृंखला का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस बार का लक्ष्य 16 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाने की है जो आप सबकी भागीदारी से ही सफल होगा।
जनसभा को ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य एवं नवादा जिले के प्रभारी मंत्री  श्रवण कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री  विनोद नारायण झा, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक  गुप्तेश्वर पाण्डेय एवं जिलाधिकारी  कौशल कुमार ने भी संबोधित किया।
 

Share To:

Post A Comment: