पटना, (रिर्पोटर) :  शराबबंदी के बाद बिहार में आए बदलाव पर एक प्रतिष्ठित शोध संस्थान की ताजा रिपोर्ट के निष्कर्षों को बिहार के विपक्षके लिए करारा झटका बताते हुए जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि अब प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को अपने अनावश्यक बयानों के लिए जनता से माफी माँगनी चाहिए। विपक्ष पर निशाना साधते हुए श्री प्रसाद ने कहा कि शराबबंदी की वजह से राज्य में पर्यटन उद्योग के ठप्प होने की आशंका व्यक्त करनेवालों को जवाब मिल गया है। क्योंकि जहाँ राज्य में 2015 में 2.89 करोड़ पर्यटक आए वहीं 2018 में बढ़कर यह संख्या 3.47करोड़ हो गयी। स्पष्ट है की 58 लाख पर्यटक शराबबंदी केपश्चात पहले के मुकाबले ज्यादा आए। यह भी दिलचस्प है कि विदेशी पर्यटक भी 2015 में जहाँ मात्र 9.23 लाख थे वहीं 2018 में यह संख्या बढ़कर 10.88 लाख हो गए। स्पष्टहै कि शराबबंदी के बाद इस क्षेत्र में बिहार ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की। श्री प्रसाद ने विपक्षको आड़े हाँथो लेते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था एवं राज्य के खजाने को भारी नुकसान का दावा करने नेताबगलें झांक रहे हैं क्योंकि अकेले साड़ियों की बिक्री में 1751 गुना बढ़ोतरी दर्ज हुई है वही शहद एवं पनीर की बिक्री में क्रमशः  380 एवं 200 गुना दर्ज हुआ है। श्री प्रसाद ने कहा कि दुनिया में होनेवाली कुल मौतों में, शराब के सेवन से लिवर के रोग से मरने वालों की संख्या 5.33 प्रतिशत है जबकि अवसाद अकेले18 प्रतिशत लोगों  का जीवन छिन लेता है, जबकि सड़क दुर्घटनाओं में 27 फीसदी मौतें होती हैं। बिहार जैसे राज्य मेंहालात और बुरे रहे हैं। लेकिन शराबबंदी के बाद इन बीमारियों केकारण होने वाली मौतों में अत्यधिक कमी आयी है।

Share To:

Post A Comment: