पटना, (रिपोर्टर) : नागरिकता संशोधन कानून के मामले में कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए बिहार सरकार के कृषि, पशुपालन व मत्स्य मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा बीते दो लोकसभा चुनाव में लगातार मिली करारी हार के बाद से कांग्रेस की मनोदशा अजीबोगरीब हो गयी है। इनकी हताशा इस कदर बढ़ गयी है कि इन्हें सही और गलत का फर्क तक समझ में नहीं आ रहा है। मोदी विरोध में यह हर उस काम का विरोध करने लगे हैं जिससे देश और जनता को फायदा मिल सकता है। यहां तक कि उन मामलों पर भी दोहरा रवैया अपनाने लगे हैं जिसकी मांग कभी यह खुद किया करते थे। आज वोट बैंक की राजनीति के लिए नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मुस्लिमों को डराने का प्रयास करने वाली कांग्रेस यह भूल गयी है कि 2003 में इनके नेता और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने खुद बांग्लादेश और अन्य देशों के अल्पसंख्यक शरणार्थियों की वकालत करते हुए तत्कालीन एनडीए सरकार से उचित कदम उठाने की मांग की थी। कांग्रेस को बताना चाहिए कि आखिर जिस कानून की वकालत कभी खुद उनके नेता कर रहे थे आज उसके लागू होने पर वह उसका विरोध क्यों कर रही है?

डॉ कुमार ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पर खुद प्रधानमन्त्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने विभिन्न मंचो से यह कई बार साफ किया है कि इस कानून का भारतीय नागरिकों से कोई लेना देना ही नहीं है, इसके बाद इस विषय पर किसी तरह के विवाद का कोई औचित्य ही नही रह जाता है। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियां जिस तरह से इस मुद्दे पर बवाल करवाने का प्रयास कर रही हैं, उसकी जितनी निंदा की जाए कम होगी। यह इनकी ओछी मानसिकता दिखाने के साथ-साथ, यह साबित करता है कि इनके पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा है ही नहीं। इसीलिए अब यह सत्ता के लिए देश की एकता और सद्भावना को दांव पर लगाने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष यह जान ले कि भारत सत्य की पूजा करने वाला देश है और देश को बांटने की उनकी कोई भी साजिश जनता कभी कामयाब नहीं होने देगी।


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