पटना, (रिपोर्टर) : भाजपा प्रवक्ता डॉ. निखिल आनंद का बयान प्रशांत किशोर का व्यवहार राजनीतिक नहीं बल्कि व्यवसायिक और गठबंधन हितों के खिलाफ । भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी जी का अपमान ठीक नहीं। हल्की बयानबाजी कर मीडिया की सुर्खियां बटोरने से बचें।  भाजपा के प्रवक्ता डॉ.निखिल आनंद ने प्रशांत किशोर द्वारा बार-बार गठबंधन हितों के खिलाफ  बयानबाजी करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर  कहा है कि प्रशांत किशोर का व्यवहार कतई राजनीतिक नहीं है बल्कि पूर्णत: व्यवसायिक है। पैसे लेकर राजनीतिक दलाली करना और संगठन- विचारधारा की बुनियाद पर संघर्ष कर राजनीति में वजूद बनाना अलग बातें है। क्या जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह व ललन सिंह से वे खुद को बड़े नेता मानते है?  भाजपा प्रवक्ता ने प्रशांत किशोर द्वारा सुशील कुमार मोदी जी को परिस्थितियों का उपमुख्यमंत्री बताये जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है किए सुशील मोदी जी ने लंबा राजनीतिक संघर्ष किया है। वे बिहार के उपमुख्यमंत्री ही नहीं भाजपा के शीर्ष नेताओं में एक है जो दो पीढियों का नेतृत्व करते है। भाजपा में कोई परिस्थितियों का नेता कभी नहीं होता है। बल्कि परिस्थितिवश प्रशांत किशोर जैसे लोग नेता समझने का भ्रम पालने लगते हैं। निखिल आनंद ने एनडीए के अपने सहयोगी दलों से हल्की बातों के माध्यम से मीडिया की सुर्खियां बटोरने के फेर में न पडऩे की सलाह देते हुए समभाव व सदभाव के साथ आगे बढऩे की सलाह दी। निखिल ने स्पष्ट किया किए भाजपा राजनीतिक मर्यादा का ख्याल करती है और गठबंधन सहयोगी दलों एवं उनके नेताओं का पूरा सम्मान करती है। लेकिन सामाजिक- राजनीतिक व्यवहार में तहजीब और सम्मान को कोई कमजोरी समझता है वह अपरिपक्वता है। बिहार चुनाव से जुड़ा हर फैसला एक आदमी नहीं सभी एनडीए दलों के शीर्ष नेता करेंगे।


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