पटना,  (रिपोर्टर)  : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि वर्तमान पर्यटन सीजन में अनेक पर्यटकीय सुविधाओं व सुसज्जित आवासीय व्यवस्था के साथ वाल्मीकिनगर स्थित वाल्मीकि व्याघ्र आश्रयणी (वीटीआर) पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। 7-8 दिसम्बर को इस पर्यटन सीजन का औपचारिक शुरूआत होगा। पर्यटकों से अपील की कि वे इस मौसम में वाल्मीकिनगर जरूर जाएं। पर्यटन विभाग के सहयोग से सरकार शीघ्र ही पटना से वाल्मीकिनगर के लिए दो दिवसीय किफायती पैकेज घोषित करेगी जिसके तहत पर्यटक आॅनलाइन बुकिंग करा सकेंगे। पिछले एक महीने में 8 हजार पर्यटकों ने वीटीआर का भ्रमण किया है।

वीटीआर में फिलहाल बाधों की संख्या 2010 की 8 की तुलना में बढ़ कर 31 और शावकों की संख्या 10 हो गई हैं। वाल्मीकि विहार, जंगल कैम्प, टेंट हाउस और ट्री हट के 26 सुसज्जित कमरों में 52 पर्यटकों के ठहरने व कैंटीन की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है। 14 सीटर केंटर के साथ जंगल सफारी की नियमित सेवा सुबह-शाम पर्यटकों को दी जा रही है। पर्यटकों के लिए प्रतिदिन शाम में 45 मिनट का स्थानीय लोककला पर केन्द्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रि में वन्य जीवन पर फिल्म का प्रदर्शन किया जा रहा है।

पटना के ईको पार्क की तर्ज पर वाल्मीकिनगर में एक वृहद ईको पार्क विकसित किया गया है, जिसमें बच्चों के खेलकूद की भी व्यवस्था है। मैरिन ड्राइव की तरह गंडक किनारे डेढ़ किमी लम्बा पाथवे के साथ ही ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला की तरह  200 मीटर लम्बा कौलेश्वर झूला का निर्माण किया गया है। 13 सीटर मोटर बोट के जरिए गंडक में नौकायन की सुविधा उपलब्ध है।

प्रमुख दर्शनीय मंदिरों में कौलेश्वर, जटाशंकर व प्राचीन नरदेवी मंदिर तथा वाल्मीकि आश्रम आदि में बड़ी संख्या में पर्यटक जा रहे हैं। कौलेश्वर मंदिर के बगल में रखे गए चार हाथी भी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

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