पटना, (राजीव नंदन त्रिपाठी) :उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि देश में एनपीआर बनाने का निर्णय यूपीए सरकार में किया गया था। उस निर्णय के अनुरूप केन्द्र की एनडीए सरकार 2020 में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना चरण के साथ एनपीआर डाटाबेस को अद्यतन करने का निर्णय लिया है। पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से वार्तालाप कर उन्होंने कहा कि 15 मार्च 2010 में यूपीए सरकार के एनपीआर को 2020 में अपडेट किया जा रहा है कोई नया रजिस्टर तैयार नहीं किया जा रहा है। एनपीआर के साथ एनआरसी की बात कर विपक्ष द्वारा एक खास सम्प्रदाय के लोगों को गुमराह किया गया, जबकि प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कह चुके हैं कि अभी एनआरसी की कोई बात नहीं है। एनपीआर में आयी त्रुटियों को दूर कर अपडेट किया जायेगा, कोई दस्तावेज की मांग नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि एनपीआर का निर्माण एक वैधानिक कार्रवाई है जिसे कोई भी राज्य इंकार नहीं कर सकता है। जनगणना कार्य से इंकार करने पर सरकारी अधिकारी के लिए अर्थदंड के साथ तीन साल की सजा का प्रावधान है। उसी प्रकार एनपीआर कार्य से इंकार करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ एक हजार दंड का प्रावधान है। बिहार में एनपीआर का कार्य 15 मई से 28 मई 2020 तक जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के साथ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि एनपीआर के मुद्दे पर कांग्रेस भ्रम फैलाकर गैर जिम्मेदाराना कार्य कर रही है। इसके माध्यम से विकास योजना बनाना आसान होगा। भाजपा कार्यकत्र्ता घर-घर जाकर एनपीआर की जानकारी देंगे।
संवाददाता सम्मेलन में देवेश कुमार, पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा, प्रेमरंजन पटेल, प्रवक्ता निखिल आनंद, मीडिया प्रभारी पंकज सिंह, राकेश कुमार, अशोक भट्ट, राजीव कुमार,  नीतेश मिश्रा समेत अन्य उपस्थित थे।

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