पटना, (रिपोर्टर) :  राजधानी पटना में  बसंत पंचमी पर  अनोखा पूजन  कार्यक्रम  पटना वासियों के जेहन में  समा गया,   एक साथ सैकड़ो बच्चे  विद्यारंभ संस्कार  प्राप्त कर  अपने जीवन का  एक नया  अध्याय की शुरूआत किया।   यह,  वह बच्चे थे , जिन्हें  अच्छे कपड़े  और अच्छे भोजन  के लिए तरसना पड़ जाता है ।

एक तरफ जहां बिहार ही नहीं देश में दलितों को जिस तरह सीएए  और एनआरसी पर गुमराह किया जा रहा है ।वैसे में दलितों का उत्थान दूर तक संभव नहीं दिख रहा है। नई सुबह की नई पहल संस्था का शुभारंभ दीपावली में बच्चों के संग अनोखी दिवाली मनाने, क्रिसमस पर बच्चों के साथ मस्ती एवं पाठ्य सामग्री का वितरण करने एवं नव वर्ष के शुभारंभ पर बच्चों के संग खुशियां बांटने वाले समाजसेवी सह हम के प्रदेश उपाध्यक्ष रंजीत कुमार चंद्रवंशी का अंदाज दिन प्रतिदिन समाज के लिए निराला होता जा रहा है। आज इसी कड़ी में नई सुबह की नई पहल संस्था द्वारा वसंत पंचमी के मौके पर पूर्वी लोहानीपुर क्षेत्र के वैशाली गोलंबर के अंबेडकर पार्क में आज स्लम के बच्चों के बीच अपने पुराने सभ्यताओं और परंपराओं को जीवंत रखते हुए विद्यारंभ संस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है । कार्यक्रम में स्लम  के 200 नन्हे मुन्ने बच्चे के बीच वैदिक मंत्रोच्चार द्वारा विद्यारंभ संस्कार प्रदान कर , नए स्लेट पेंसिल और किताब छुलाया  गया।  इस तरह बच्चों में शिक्षा का नई अलख जगाने का अनोखा प्रयास किया गया ।  इस संदर्भ में रंजीत कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि स्लम बस्ती में जहां गंदगी है, वह उतनी जल्दी साफ नहीं होगी जब तक उनके बीच शिक्षा का माहौल नहीं बनेगा। और हम इस समाज के नन्हे-मुन्ने बच्चों को विद्या आरंभ संस्कार के माध्यम से शिक्षा का ज्योत जलाना चाह रहे हैं। जब वह पढ़ लिख लेंगे तब  स्वतः गरीबी और गंदगी खत्म हो जाएगी। हमारा मिशन है, शिक्षा का अलख जगाना है ,नया समाज बनाना है। बच्चों के बीच जब विद्यारंभ संस्कार का वैदिक मंत्रोचार के साथ प्रारंभ हुआ,  तब सभी  बच्चों के चेहरे खिल गए और सभी अभिभावक खुशी से झूमने लगे। राजधानी में इस तरह के अनोखे बसंत पंचमी पर आयोजित कार्यक्रम की चर्चा आम लोगों के जुबान पर रही। यहां यह बता दें कि पिछले वर्ष से नई सुबह की नई पहल संस्था समाज में अनोखे कार्यक्रम कर अपनी नई पहचान बना रही है।

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