पटना, (रिपोर्टर) :  सीनियर ऑर्थोपेडिक एंड ज्वायंट रिप्लेसमेन्ट सर्जन डा. निशिकान्त कुमार ने सर्दियों में जोड़ों के दर्द से बचाव के लिए  हेल्दी बोन बनाये रखने के  5 उपाय बताए हैं। उन्होंने बताया कि हमारी  जीवनशैली हड्डी की खराब सेहत के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक है। तेजी से भागती दुनिया ने लोगों को खुद के लिए समय निकालना मुश्किल बना दिया है। वे शायद ही व्यायाम करना पसंद करते हैं और ज्यादातर डेस्क वर्क में लगे रहते हैं। इससे  मांसपेशियों में कमी के कारण बोन डेंसिटी घट जाती है।
हेल्दी बोन बनाये रखने के  5 तरीके बताए गए हैं..

1. नियमित रूप से विशेषज्ञों से  हड्डी की जांच करायें

गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस, हड्डी के सबसे आम विकार हैं। इन बीमारियों के बारे में पहले सोचा गया था कि ये वृद्धावस्था में लोगों को प्रभावित करती है पर यह प्रमुख चिंता अब युवा पीढ़ी को ग्रसित कर रही है। गठिया जोडों के आसपास कार्टिलेज के धीरे-धीरे घिसने के कारण होता है और ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डी भुरभुरी हो जाती है।
विशेषज्ञ के साथ अपनी हड्डियों की जांच करवाएं ताकि जल्दी पता चल सके और इलाज भी जल्दी शुरू हो सके। प्रारंभिक अवस्था में इसका परंपरागत तरीके से कुछ दवाओं सहित  इलाज किया जा सकता है, जबकि यदि नजरअंदाज किया जाये तो दर्द और विकृति गंभीर हो जाती है , ऐसे में दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और ज्र्वाइंट रिप्लेसमेंट  एकमात्र विकल्प बचता है। ऑस्टियोपोरोसिस के लिए बोन डेंसिटी  की जांच  करायें ताकि लक्षण दिखाई दें क्योंकि  बोन डेंसिटी में कम से कम 30 प्रतिशत की कमी से पहले एक्सरे पर दिखाई नहीं दे सकता है।

2. हेल्दी फुड और एक्सरसाइज करें

अच्छे भोजन से स्वस्थ हड्डियों की शुरुआत होती है। डेयरी उत्पाद, ड्राई फ्रूट्स और हरी पत्तेदार सब्जियों को अपने आहार का हिस्सा बनाएं। जंक फूड से बचें। अच्छा हड्डी स्टॉक बनाए रखने के लिए व्यायाम सबसे महत्वपूर्ण कारक है। अपनी दिनचर्या में से कम से कम 30 मिनट व्यायाम करने के लिए दें। ब्रिस्क वॉकिंग सबसे अच्छी एक्सरसाइज है जो आप खुद को दे सकते हैं।

3. धूम्रपान और शराब से बचें

धूम्रपान और शराब से हड्डी का क्षय होता है। इन आदतों से फेमोरल हेड का वैस्कुलर नेक्रोसिस  हो सकता  है जिस कारण बाद में ज्र्वाइंट रिप्लेसमेंट  की बाध्यता हो सकती है। यहां तक कि अगर आप छोड़ नहीं सकते हैं, तो आपको इसे न्यूनतम तक सीमित करना चाहिए जैसे कि प्रति दिन 50 मिलीलीटर से अधिक शराब नहीं और प्रति दिन 3 सिगरेट से अधिक नहीं।

4. उचित विटामिन डी सप्लीमेंट

विटामिन डी प्राकृतिक रूप से उपलब्ध विटामिन है और धूप की उपस्थिति में हमारी त्वचा में संश्लेषित होता है। सूर्य के प्रकाश के संपर्क में नहीं रहने से जीवनशैली में विटामिन डी की कमी होती है। पर्याप्त विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।  विटामिन डी के स्तर की नियमित जांच करवानी चाहिए और पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मिलता है, तो विटामिन डी न केवल हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है, बल्कि यह कोरोनरी धमनी की बीमारी को भी रोक सकता है और मधुमेह को भी रोक सकता है।

5. स्टेरॉयड युक्त सप्लीमेंट से बचें

किसी भी रूप में स्टेरॉयड के उपयोग से बचें। मांसपेशियों के निर्माण के लिए बाजार में कई प्रोटीन सप्लीमेन्ट  उपलब्ध हैं। हर जिम ट्रेनिंग सेंटर में प्रोटीन सप्लीमेंट बेचा जाता है, यह कहकर  कि यह मांसपेशियों में तेजी से वृद्धि करता है। प्रोटीन का सेवन आवश्यक है , लेकिन प्राकृतिक रूप से उपलब्ध पदार्थों जैसे अंडे, सोयाबीन आदि से प्रोटीन सेवन करने की कोशिश करें।  बाजार में उपलब्ध सप्लीमेंट में स्टेरॉयड हो सकते हैं जो आपकी मांसपेशियों को बढ़ा सकते ह,ैं लेकिन लंबे समय में आपकी हड्डियों के स्वास्थ्य को कम कर सकते हैं जिससे बोन डेंसिटी और नाजुकता भंग हो सकती है। स्टेरॉयड आपके लिवर और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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