पटना, (रिपोर्टर) :  भाजपा प्रवक्ता डॉ. निखिल आनंद ने कहा कि  दूसरों को क्रोनोलॉजी समझाने से पहले अपने इलाके का कोलोकियल भी समझ लेना चाहिए।   प्रशांत किशोर का सुशील मोदी जी पर किया ट्वीट हमला पर गौर करें तो हकीकत में इशारे से नीतीश कुमार जी पर हमला है। निखिल ने कहा  प्रशांत के शुरुआती बयानों से लगा था कि वे  वर्बल डायरिया से पीडि़त है लेकिन अब डायग्नोज करने पर पता चला है कि उनको इंटेलेक्चुअल कॉन्सटिपेशन  हो गया है और इलाज के अभाव में वो अनर्गल बयानबाजी करने लगे हैं। आपने अपने ट्वीटर बयान में ठीक कहा प्रशांत किशोर जी जिसका कोई पॉलिटिकल कैरेक्टर न हो उसको  सुशील मोदी जी कैसे कैरेक्टर सर्टिफिकेट  दे सकते है। 

 भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रशांत किशोर की अभी तक की राजनीतिक हैसियत नीतीश कुमार जी के ही मर्सी पर है। लेकिन लगता है कि वे इनदिनों ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल,लालू प्रसाद और कांग्रेस के पे-रॉल पर अपनी भूमिका को गंभीरता से लेने लगे है। प्रशांत किशोर लगातार अपनी बेशर्मी का परिचय देते हुए गठबंधन हितों के खिलाफ बयानबाजी कर रहें है। उनके बयान से सवाल उठता है कि अगर वे खुद को जेडीयू का प्राथमिक सदस्य भी मानते हैं तो क्या वे जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष  नीतीश कुमार,आरसीपी सिंह, ललन सिंह एवं वशिष्ठ नारायण सिंह से भी स्वयं को बड़े नेता है।   वे नीतीश कुमार  की राजनीतिक- वैचारिक लाईन को न सिर्फ ओवरलूक कर रहे हैं बल्कि उससे परे जाकर अपनी पार्टी के निर्णय को भी डिक्टेट करना चाहते हैं। उनका मकसद जाहिर सी तौर पर एनडीए गठबंधन में दरार पैदा करने की लगती है।

निखिल आनंद ने प्रशांत किशोर से पूछते हुए सलाह दी है कि अगर आप जेडीयू का प्राथमिक सदस्य मानते हैं तो श्री नीतीश कुमार जी द्वारा निर्देशित पार्टी की आधिकारिक पॉलिटिकल लाईन को फॉलो करें और गठबंधन धर्म निभायें। साथ की चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा के शीर्ष नेताओं पर प्रशांत किशोर अनर्गल बयानबाजी से बाज आयें और कृप्या अपनी राजनीतिक हैसियत जरुरत से ज्यादा न आँकें।

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