पटना, (रिपोर्टर) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड के दीनापट्टी स्थित ग्राम सखुआ में जल-जीवन-हरियाली यात्रा अंतर्गत जागरूकता सम्मेलन में 1182 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत वाली 241 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास रिमोट के माध्यम से किया। दीप प्रज्ज्वलित कर मुख्यमंत्री ने जागरूकता सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया। सुपौल जिलाधिकारी श्री महेंद्र कुमार ने पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। स्थानीय नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को गुलदस्ता, अंगवस्त्र एवं फूलों की बड़ी माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। जल-जीवन-हरियाली अभियान पर आधारित पुस्तिका का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया। कला जत्था की टीम ने मुख्यमंत्री के आगमन पर स्वागत गान प्रस्तुत किया।

सम्मेलन से पूर्व जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सघन वृक्षारोपण, जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकृत राजा पोखर का निरीक्षण करने के पश्चात मुख्यमंत्री ने शिलापट्ट का अनावरण कर मनरेगा भवन, सोख्ता निर्माण एवं मनरेगा भवन पर लगे सोलर प्लेट का उद्घाटन किया। राजा पोखर के किनारे मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण भी किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने समग्र मत्स्य विकास योजना के तहत ओम साईं एक्वा फार्म द्वारा किये जा रहे मछली पालन एवं कबूतर पालन का निरीक्षण किया एवं जानकारी ली तथा यहॉ सोलर प्लेट लगाकर ऊपर बिजली नीचे मछली, कार्यक्रम के तहत बिजली उत्पादन का सुझाव दिया और कहा कि इससे आपकी आमदनी और बढ़ेगी। ओम साई एक्वा द्वारा पाग, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। इसके पष्चात जनसभा स्थल के निकट विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। प्रदर्शनी अवलोकन के क्रम में मुख्यमंत्री ने नई दिशा जीविका महिला संकुल संघ एवं गरिमा जीविका महिला संकुल संघ को 7 लाख 85 हजार 6 सौ रुपये का चेक प्रदान किया। सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत मुख्यमंत्री ने 2 करोड़ 10 लाख रुपये का चेक जबकि 851 संपोषित स्वयं सहायता समूहों को 10 करोड़ 1 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के लाभुकों को मुख्यमंत्री ने वाहन की चाबी प्रदान की।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का हृदय से अभिनंदन करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। महिलाओं की यहां बड़े पैमाने पर उपस्थिति इस बात को दर्शाता है कि महिलाओं का न सिर्फ सशक्तिकरण हुआ है बल्कि उनमें काफी जागृति भी आई है। आपने 2005 के नवंबर माह से हमें काम करने का मौका दिया, तब से हम न्याय के साथ विकास का काम करते हुए हाशिये पर खड़े हर तबके के उत्थान के लिए विशेष पहल कर उन्हें विकास की मुख्य धारा में लाने का काम कर रहे हैं। 2008 में कोसी त्रासदी हुई थी और वर्ष 2007 के बाढ़ में 22 जिलां के 2.5 करोड़ लोग प्रभावित हुए थे, जिन्हें राहत पहुंचाया गया था। आपदा प्रबंधन के माध्यम से 2007 से ही हम आपदा पीड़ितों को मदद पहुंचाते रहे हैं और हम हमेषा कहते भी रहे हैं कि सरकार के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक है। हमलोग पब्लिसिटी में नहीं काम पर विश्वास करते हैं और लोगों की सेवा करना ही हमारा धर्म है। हर घर तक पक्की गली और नाली निर्माण का काम भी इस वर्ष पूरा हो जाएगा। सुपौल में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक ने आज से अपना काम शुरू कर दिया है, जिससे तीनों जिलों को फायदा मिलेगा। अब तक इस इलाके के लोगों को बेगूसराय जाना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 में बिहार के सभी 534 प्रखंडों में से 280 प्रखण्डों को सूखाग्रस्त घोषित करना पड़ा। पर्यावरण में आए बदलाव को देखते हुए हमने 13 जुलाई 2019 को विधानमंडल सदस्यों की एक संयुक्त बैठक बुलाकर गहन विमर्श के बाद पूरे बिहार में जल-जीवन-हरियाली-अभियान चलाने का निर्णय लिया। इस अभियान में जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम को भी जोड़ा गया है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत अगले 3 वर्षों में 24 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि खर्च कर 11 सूत्री कार्यक्रम को मिशन मोड में पूरा करना है ताकि जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न संकट से लोगों को निजात दिलाया जा सके। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सोखता निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वृहत पैमाने पर वृक्षारोपण, अहर-पाइन, तालाब, सार्वजनिक कुंआँ, नलकूप का जीर्णोद्धार कराने के साथ ही उसे अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा। इस अभियान का मकसद जल को संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देना है। इसमें और अधिक राशि की आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार मुहैया कराएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में बिहार में कई कदम उठाए गए हैं। पंचायती राज और नगर निकाय के चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण देने के बाद राज्य सरकार की सभी सेवाओं में उन्हें 35 प्रतिशत का आरक्षण मुहैया कराया गया। 2006 में हमने विश्व बैंक से कर्ज लेकर बिहार के 6 जिलों के 44 प्रखंडों में स्वयं सहायता समूह का गठन कराया जिसकी संख्या 9 लाख तक पहुंच गई है। हमारा लक्ष्य 10 लाख स्वयं सहायता समूह के गठन का है। यूपीए सरकार ने बिहार की जीविका योजना को अपनाकर उसे आजीविका का नाम दिया और देश स्तर पर इसे लागू किया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से महिलाओं की स्थिति बेहतर हुई है। इसके प्रति सचेत रहते हुए निरंतर अभियान चलाने की जरूरत है ताकि गड़बड़ करने वाले जो लोग हैं, उन्हें सबक सिखाया जा सके। दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ हम निरंतर अभियान चला रहे हैं। बाल विवाह के कारण अधिकांश महिलायें मौत की शिकार हो रही हैं और इनसे पैदा होने वाले बच्चे कई प्रकार की बीमारियों से भी ग्रसित होते हैं। जब आपने हमें काम करने का मौका दिया, उस समय बिहार का प्रजनन दर 4.3 था जो घटकर अब 3.2 पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि एक अध्ययन में यह पाया गया कि महिलाओं के शिक्षित होने से प्रजनन दर में कमी आयी है, इसे देखते हुये हमने हर पंचायत में उच्च माध्यमिक विद्यालय खोलने का फैसला लिया। अगले वर्ष के अप्रैल माह तक सभी पंचायतों में 9वीं कक्षा की पढ़ाई शुरू करा दी जाएगी। पोशाक योजना और साइकिल योजना से न सिर्फ लड़कियों का मनोबल ऊंचा हुआ है बल्कि इससे सामाजिक वातावरण और लोगों की सोच में भी परिवर्तन आयर है। साइकिल योजना शुरू होने से 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़कियों की संख्या 1 लाख 70 हजार से बढ़कर नौ लाख हो गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिहार में 15 जून से ही मॉनसून की शुरुआत हो जाती थी और औसतन 1200 से 1500 मिलीमीटर वर्षापात हुआ करता था लेकिन पिछले तीस साल के अगर रिकॉर्ड देखें तो पता चलता है कि यह घटकर 1027 मि0मी0 पर पहुँच गया है। विगत 13 वर्षों के वर्षापात के आंकड़ो को देखा जाय तो बिहार में औसतन वर्षापात घटकर 901 मिलीमीटर पर पहुँच गया है। हमने देखा कि इस वर्ष भूजल स्तर दक्षिण बिहार के साथ-साथ उत्तर बिहार के दरभंगा में भी काफी नीचे चला गया था। इसका मतलब यह है कि कुदरत हम सबको सचेत होने का संकेत दे रहा है। दुनिया के कई देशों में भू-जल स्तर समाप्त हो गया है। जल-जीवन-हरियाली अभियान से बिहार में भू-जल स्तर को ठीक किया जा सकेगा और इससे पर्यावरण भी अनुकूल रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में फसल अवशेष जलाए जाने की परम्परा पर पूर्णतः रोक लगाकर फसल अवशेष को पशुचारे में परिणत करना चाहिए। हमलोग गाय और भैंस की संख्या बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेतों में फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रभावित होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी कम हो जाती है। फसल अवशेष प्रबंधन को भी जल-जीवन-हरियाली अभियान से जोड़ा गया है, इससे पर्यावरण बेहतर होगा। मौसम के अनुकूल फसल चक्र में बदलाव लाने के लिए प्रयोग के तौर पर 4 संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा अनुसंधान का काम शुरू करवाया गया है ताकि किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अलग होने के बाद बिहार में हरित आवरण मात्र 9 प्रतिशत ही रह गया था। वर्ष 2012 से हरियाली मिशन के तहत पूरे बिहार में 19 करोड़ पौधे लगाये गये, जिसके बाद बिहार का ग्रीन कवर एरिया बढ़कर 15 प्रतिशत पर पहुंच गया है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 8 करोड़ पौधे और लगवाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि 94 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले बिहार में 12 करोड़ की आबादी है जिसको देखते हुए कम से कम 17 प्रतिशत तक हरित आवरण बढ़ाया जाएगा। बिहार के प्रति वर्ग किलोमीटर में रहने वाली औसत आबादी देश की औसत आबादी से तीन गुनी है। इस प्रदेश में कुछ खासियत है तभी तो देश के इस इलाके में इतने बड़े पैमाने पर लोग रहने के लिए आए हैं। बिहार के हर जिले और सब डिवीजन में उच्च एवं तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की जा रही है। गरीब परिवार के बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना चलाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल चुनाव में जाने से पहले पूरे बिहार में हर घर नल का जल पहुॅचा देंगे। नल का जल शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल है इसलिए इसका दूसरे कामां में दुरुपयोग न करें। इससे भू-जल स्तर नीचे चला जायेगा। हर घर शौचालय निर्माण का काम भी लगभग पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को खुले में शौच से मुक्ति और पीने का स्वच्छ पानी मिल जाय तो 90 प्रतिशत बीमारियों से उन्हें छुटकारा मिल जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर इच्छुक परिवार तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य हमने दिसंबर 2018 तक निर्धारित किया था, जिसे तय समय से दो माह 5 दिन पूर्व ही हासिल कर लिया गय। पूरे बिहार में बिजली के जर्जर तार को बदलने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है।

कृषि फीडर के माध्यम से हर इच्छुक किसानों तक बिजली पहुंचने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। डीजल पम्प से सिंचाई में जहां 100 रुपये का खर्च आता है वह घटकर बिजली से पटवन करने पर मात्र 5 रुपये हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा ही अक्षय ऊर्जा है जो हमें पृथ्वी का अस्तित्व बरकरार रहने तक सदैव मिलता रहेगा। कोयले का सीमित भंडार है इसलिए सौर ऊर्जा के प्रति हम लोगों को प्रेरित करेंगे। इसके लिए सबसे पहले सभी सरकारी भवनों पर सोलर प्लेट लगाने के बाद लोगों को अपने-अपने घरों पर सोलर प्लेट लगाने के लिए प्रेरित करेंगे।

जनसभा में उपस्थित लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से बचने एवं पर्यावरण को ठीक रखने के लिए हमें काम करना चाहिये। सात निश्चय के अलावा अन्य योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण सहित सभी क्षेत्रों में विकास के काम किये जा रहे हैं। वर्ष 2017 में 21 जनवरी को शराबबंदी के पक्ष में 4 करोड़ लोगों ने जबकि 21 जनवरी 2018 को बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ 14 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनायी गयी थी, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। अब एक बार फिर 19 जनवरी 2020 को दिन के साढ़े 11 बजे आधे घंटे के लिए दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ जबकि शराबबंदी और जल-जीवन-हरियाली अभियान को लेकर मानव श्रृंखला का कार्यक्रम सुनिश्चित किया गया है, आप सबों की भागीदारी से इस बार बनने वाली मानव श्रृंखला पूर्व में बनी सभी मानव श्रृंखला के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा। इस बार 16 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाने का लक्ष्य है, जो आप सबों की भागीदारी से न सिर्फ हासिल होगा बल्कि यह मानव श्रृंखला पूरे विश्व को एक प्रभावकारी संदेश देगा कि बिहार के लोग समाज सुधार और पर्यावरण की रक्षा के लिए मिलकर काम करने को संकल्पित हैं।

मुख्यमंत्री की अपील पर जनसभा में मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर मानव श्रृंखला में शामिल होने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि जल और हरियाली के बीच ही जीवन है। मनुष्य को यदि अपना और पशु-पक्षियों का जीवन बचाना है तो जल के साथ-साथ हरियाली को बचाने के लिए भी सचेत और जागरूक होना पड़ेगा। जनसभा में मौजूद लोगों से मुख्यमंत्री ने आपस में प्रेम, भाईचारा एवं सद्भाव का माहौल कायम रखते हुए पृथ्वी के संरक्षण और अपने जीवन की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी धर्म, मजहब को मानने वाले लोग एक हैं और वे मानव हैं। हम सब मिलकर जब काम करेंगे तो अनंतकाल तक पृथ्वी कायम रहेगी और आने वाली पीढ़ी खुशहाल होगी।

जनसभा को बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति मो0 हारून रसीद, ऊर्जा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री सह सुपौल जिले के प्रभारी मंत्री श्री रमेश ऋषिदेव, सांसद श्री दिलेश्वर कामत, मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री गुप्तेश्वर पाण्डेय, कोशी प्रमंडल के आयुक्त श्री के0 सेंथिल कुमार ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर विधायक नीरज कुमार बबलू, विधायक  अनिरुद्ध यादव, विधायक निरंजन कुमार मेहता, विधायक श्रीमती वीणा भारती, विधान पार्षद  ललन सर्राफ, पूर्व विधायकलखन ठाकुर, जदयू जिलाध्यक्ष  रामविलास कामत, भाजपा जिलाध्यक्ष  रामकुमार राय, लोजपा जिलाध्यक्ष विजय पासवान, प्रधान सचिव पथ निर्माण  अमृत लाल मीणा, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास श्री अरविंद कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के सचिव  मनीष कुमार वर्मा, स्वास्थ्य विभाग के सचिव सह सुपौल जिले के प्रभारी सचिव  लोकेश सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, जल-जीवन-हरियाली मिशन के मिशन निदेशक  राजीव रौशन, कम्फेड के प्रबंध निदेशक श्रीमती शिखा श्रीवास्तव, जिलाधिकारी सुपौल श्री महेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक सुपौल श्री मनोज कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारीगण, जीविका की दीदियां एवं बड़ी संख्या में आमलोग उपस्थित थे।


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