पटना, (रिपोर्टर) :    राजद प्रदेश महासचिव भाई अरूण कुमार, अजय सजा राजद अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव उपेंद्र चंद्रवंशी ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के द्वारा लालू प्रसाद जी के 15 साल के शासन पर पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय दर्जा नहीं देने का जो मामला उठा रहे हैं वह जनता को बरगलाने के अलावा कुछ नहीं है जदयू और सुशील मोदी ने अपने चुनाव प्रचार में यह घोषणा किया था कि पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलवाया जाएगा और डबल इंजन की सरकार जब बन जाएगी तो यह काम और भी आसान हो जाएगा परंतु जब डबल इंजन की सरकार बनी और प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी जब पटना में पटना यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में आए थे तो नीतीश कुमार जी ने व्यक्तिगत तौर पर प्रधानमंत्री जी से भरी सभा में पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय की दर्जा देने की मांग की थी परंतु माननीय प्रधानमंत्री महोदय ने नीतीश कुमार के अनुरोध को अस्वीकार ही नहीं किया बल्कि इसका जवाब देना भी उचित नहीं समझा और मोदी जी पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय की दर्जा पर लालू सरकार को भेज रहे हैं उन्हें शर्म नहीं आ रही है कि केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार होने के बावजूद पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने में असफल रहे।

नेताओं ने कहा कि सुशील कुमार मोदी की गरीब विरोधी मानसिकता उनके चरवाहा विद्यालय पर की गई प्रतिकूल टिप्पणी को दर्शाता है चरवाहा विद्यालय का परिकल्पना लालू जी ने गरीबों को काम करते-करते शिक्षा देने का कंसेप्ट था जिसे जिसे यूनेस्को के द्वारा भी सराहा गया था परंतु सरकार बदलते ही लालू जी की परिकल्पना को ध्वस्त कर दिया गया जो दर्शाता है कि नीतीश एवं सुशील मोदी की जोड़ी गरीब वह के शिक्षा देने के प्रबल विरोधी हैं।


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