पटना, (रिपोर्टर) :  बिहार राज्य उच्चतर माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री से माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019 का उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष एवं शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव पर प्रतिक्रिया व्यक्त  करते हुए कहा कि 28 जनवरी 2020 को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के दोनों पालीयों में पूरे बिहार के सैंटरो पर कदाचार हुआ जिसका जीता जागता उदाहरण सभी जगहों पर सभी जिलों में परीक्षार्थियों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाना है कही-कहीं स्पेशल केबिन में केंद्र अधीक्षक के द्वारा गुप्त रूप से बैठा कर परीक्षा दिलाने का मामला उजागर हुआ है तो कहीं प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र के बाहर मिला फेसबुक और व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र वायरल हुआ उसके बावजूद भी अपनी नाकामी को छुपाने के लिए बिहार के परीक्षार्थियों पर एफ आई आर दर्ज करने का आदेश देकर कहीं ना कहीं लोकतंत्र में गलत चीजों के विरुद्ध आवाज उठाने से रोका जा रहा बिहार के एस.टी.ई.टी परीक्षार्थियों के साथ नाइंसाफी किया जा रहा है । साथ ही मांग किया कि जिस तरह प्रथम पाली के साइंस  एवं गणित के परीक्षा में सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे गए निर्दिष्ट विषयों से प्रश्न नहीं पूछे गए एवं द्वितीय पालीओं में जिस तरह प्रश्न पत्र पहले से परीक्षा केंद्र के बाहर मिले इस को ध्यान में रखते हुए बिहार के माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द कर देना चाहिए और इसे पुन: उच्च स्तरीय जांच कर सिलेबस को पूर्णताया एन.सी.टी.ई को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी के साथ कदाचार मुक्त परीक्षा का आयोजन पूरे बिहार में होना चाहिए।


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