पटना, (रिपोर्टर) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज गांधी मैदान पटना से जल-जीवन-हरियाली और नशामुक्ति के समर्थन में एवं बाल विवाह और दहेज प्रथा मिटाने के लिये बनी ऐतिहासिक मानव श्रृंखला का गुब्बारा उड़ाकर शुभारंभ किया। गॉधी मैदान में बनी ऐतिहासिक मानव श्रृंखला में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारुण रशीद, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, लघु जल संसाधन सह विधि मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, जल संसाधन मंत्री संजय झा, सांसद राम कृपाल यादव, सासंद महबूब अली कैसर, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय, महाधिवक्ता ललित किशोर, अपर मुख्य सचिव शिक्षा आरके महाजन, अपर मुख्य सचिव गृह आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, पटना प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, अपर सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय चंद्रशेखर सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, पुलिस महानिरीक्षक, पटना प्रमंडल संजय सिंह, जिलाधिकारी कुमार रवि, वरीय पुलिस अधीक्षक उपें द्र शर्मा , अन्य पदाधिकारीगण, गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में आमलोग एक-दूसरे का हाथ पकडक़र शामिल हुये।
इस अवसर पर जल पुरूष एवं मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेन्द्र सिंह एवं यूएनईपी के इंडिया कंट्री हेड अतुल बगई विशेष तौर पर शामिल हुये। इस अवसर पर ऐतिहासिक मानव श्रृंखला में शामिल हुये लोगों को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए आपलोगों को विशेष तौर पर धन्यवाद देता हूं। यह मानव श्रृंखला जल-जीवन-हरियाली के पक्ष में पूरे बिहार में बनायी गई है। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान से चारों दिशाओं में विभिन्न जिलों से यह मानव श्रृंखला लिंक्ड मानव श्रृंखला बनी है, उसके माध्यम से पूरा बिहार अटूट रुप से श्रृंखलाबद्ध हुआ है। पर्यावरण में असंतुलन एवं जलवायु परिवर्तन से जो स्थिति पैदा हो रही है, वह सबके सामने है। आने वाली पीढिय़ों के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की गई है। इसके लिए लोगों में जागृति लाने के लिए हमने सभी जिलों में यात्रा की, यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में काफी उत्साह दिखा। जलवायु परिवर्तन पर विचार-विमर्श के लिए विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति ने सभी दलों के विधायकों एवं विधान पार्षदों की संयुक्त बैठक बुलायी। 13 जुलाई 2019 को दिन भर इस पर विस्तृत चर्चा की गयी। चर्चा में पर्यावरण संरक्षण के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान को मिशन मोड में चलाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली का मतलब है जल और हरियाली के बीच जीवन। जल और हरियाली है, तभी जीवन संरक्षित है। आज की मानव श्रृंखला पर्यावरण के प्रति सजगता एवं एकजुटता प्रकट करने के लिए बनायी गयी है। इसमें सभी वर्गों एवं सभी धर्मों के लोगों की हिस्सेदारी हुई है। मुझे खुशी है कि बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा भी इसमें शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात की भी प्रसन्नता है कि आज की मानव श्रृंखला में मैग्सेसे पुरस्कार विजेता जल पुरुष राजेंद्र सिंह भी शामिल हुए हैं। उनसे पुराना संबंध रहा है। जल संरक्षण एवं पर्यावरण से जुड़ी विभिन्न बिंदुओं पर उनसे चर्चा होती रहती है और उसका लाभ भी हम सबको मिलता है । विभिन्न पदाधिकारी एवं जिले के स्तर पर भी इन विषयों पर उनसे सुझाव लोग लेते हैं और वे अपना भरपूर योगदान करते हैं। खुशी इस बात की भी है कि आज की मानव श्रृंखला में यूएनईपी के कंट्री हेड (भारत) अतुल बगई भी शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि 21 जनवरी 2017 को नशामुक्ति एवं शराबबंदी के पक्ष में, 21 जनवरी 2018 को दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी प्रतिबद्धता जतायी थी। आज की मानव श्रृंखला सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान के साथ-साथ पर्यावरण से जुड़े जल-जीवन-हरियाली अभियान के प्रति लोगों की एकजुटता का प्रमाण है। जलवायु परिवर्तन के कारण कभी वर्षा पात में कमी तो कभी तीव्र वर्षापात की स्थिति बनती है। वर्ष 2018 में 534 प्रखंडों में से 280 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। पिछले वर्ष जुलाई माह में तीव्र वर्षा पात से बाढ़ की स्थिति बनी, फिर सुखाड़ की स्थिति और सितंबर माह में भारी वर्षा से पुन: बाढ़ एवं जलजमाव की स्थिति बनी। उन्हों ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में भू-जल स्तर में गिरावट आ रही है। इस स्थिति के प्रति भी लोगों को सतर्क रहते हुए जल के दुरुपयोग से बचना होगा। जल संरक्षण एवं हरियाली में वृद्धि के लिए हमलोग काम कर रहे हैं। बिहार बंटवारे के समय राज्य का हरित आवरण 9 प्रतिशत था। वर्ष 2012 में हरियाली मिशन की स्थापना कर 19 करोड़ पौधे लगाए गए और अब राज्य का हरित आवरण क्षेत्र 15 प्रतिशत पहुंच गया है । आगे साढ़े आठ करोड़ पौधे और लगाए जाएंगे। जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत आहर, पईन, पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराकर उनका जीर्णो द्धार भी कराया जा रहा है। सभी सार्व जनिक कुओं का भी जीर्णो द्धार कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा है इसे बढ़ावा देने के लिए सरकारी भवनों में सोलर प्लेट लगाए जा रहे हैं औ र इसके लिए लोगों को भी प्रेरित किया जा रहा है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से भू-जल स्तर को में टेन करने के लिए काम किया जा रहा है। बापू के विचारों से प्रभावित होकर उनकी 150वीं जयंती पर हमलोगों ने जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की। बापू के चंपारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरा होने के अवसर पर भी हमलोगों ने कई कार्यक्रमों की शुरुआत की थी। बापू ने कहा था कि पृथ्वी लोगों की जरुरतों को पूरा करने में सक्षम है लालच को नहीं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण कर और हरियाली को बढ़ावा देकर हमलोग आने वाली पीढ़ी की रक्षा कर सकेंगे। आप सबसे आग्र ह करते हैं कि इस अभियान निरंतर चलाते रहने की जरुरत है। यह अभियान सोशल वेलफेयर से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें सभी लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण हैं। पर्यावरण के प्रति लोगों को हमेशा जागृत करते रहना है। आज जो मुझे पर्यावरण संरक्षक-2020 के रुप में सम्मान मिला है उसका वास्तविक हकदार पूरे बिहार की जनता है जो सामाजिक विषयों के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरुक है। आज की मानव श्रृंखला के लिए पूरे बिहार की जनता को भी धन्यवाद देता हूं। आज की मानव श्रृंखला के लिए जो लक्ष्य रखा गया था, मुझे उम्मीद है, हमलोग उसमें सफल हों गे। मुख्यमंत्री को मैग्सेसे पुरस्कार विजेता जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने तरुण भारत संघ की तरफ से पर्यावरण संरक्षक-2020 सम्मान से सम्मानित किया। तरुण भारत संघ की तरफ से मुख्यमंत्री को अभिनंदन पत्र भी सौंपा तथा राजेन्द्र सिंह ने उसे पढक़र सुनाया। राजेन्द्र सिंह ने जल से भरा कलश मुख्यमंत्री को भेंट किया तथा मुख्यमंत्री को सम्मान स्वरूप पगड़ी पहनाई।

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