पटना, (रिपोर्टर) : भारत में समाजिक सुधार आनन्दोलन की अहम शख्सियत और बहुजन आनन्दोलन की पहली नेता रही माता सावित्री वाई फूले।  लोक जनशक्ति पार्टी (सेक्यूलर) के राज्य कार्यालय में माता सावित्री वाई फुले के 187 वीं जयन्ती समारोह के उपलक्ष्य में उपस्थित पार्टी जनों को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सत्यानन्द शर्मा ने कहा कि माता सावित्री वाई फुले का जन्म 1831 वीं हुआ और 1840 में दस वर्ष की उम्र में 13 साल के ज्योति राव फुले भारत से शादी हुई थी। माता सावित्री वाई फूले भारत के पहली अध्यापिका और इससे भी पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं। जयंती समारोह में लोजपा (सेक्यूलर) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं मुख्य प्रवक्ता विष्णु पासवान, युवा लोजपा(से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार पासवान, नन्दकिशोर यादव, सुदामा यादव, जदु भगत, राम भरोस महतो, शशि पासवान, परमानन्द षर्मा, रामचन्द्र शर्मा, उमेश दास, गरीबन मांझी, सरबु मांझी, जगदीश शाण्डील, महिला प्रकोष्ट के प्रदेश अध्यक्ष अंजु देवी, शालनी शीतल, कुमकुम देवी, जागमातो देवी आदि नेताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर तैल्य चित्र पर मालार्पण किया।


       
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