पटना, (रिपोर्टर) : उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने  ट्वीट कर कहा कि लाल-राबड़ी शासित बिहार के बारे में जो पोस्टर लगाये गए हैं, उनमें न तो कुछ नया है, न कोई गलतबयानी की गई है। पोस्टर में डेढ़ दशक के अधेरे दौर की कुछ ऐसी बातों की याद दिलायी गई है, जिनकी कठोर सचाई लोगों ने भोगी है। लालू प्रसाद बतायें कि उनके समय लाखों लोगों को पलायन क्यों करना पड़ा था?
श्री मोदी ने कहा कि  यदि 1990- 2005 के बिहार का वास्तविक पोस्टर बनाया जाए, तो वह इतना भयावह होगा कि नई पीढ़ी कांप जाएगी। जो लोग सच देखने का साहस रखते होंए उन्हें बिहार के हालात पर बनी दो फिल्में गंगा जल और  अपहरण यू-ट्यूब से डाउनलोड कर अवश्य देखनी चाहिए।  ये दोनों फिल्में भाजपा ने नहीं, मशहूर बिहारी निर्देशक प्रकाश झा ने बनायी थीं।  एक पोस्टर पर भडक़े  राजद के नेता इन फिल्मों के बारे में क्या कहेंगे?  बिहार में पिछली गर्मी के दौरान चमकी बुखार से बच्चों की बीमारी और मौत जैसी मौसमी आपदा पर कांग्रेस- राजद के लोग पीडि़त परिवार की मदद करने बजाय सरकार को कोस रहे थे।  अब, जब राजस्थान में 34 दिनों के भीतर 105 बच्चे काल-कवलित हो गए, तब  बच्चों को बचाने के बजाय गहलोत सरकार का स्वास्थ्य विभाग मंत्री के दौरे के समय हरी कालीन बिछाने पर ध्यान दे रहा है।  बिहार पर अंगुली उठाने के बजाय बिहार प्रदेश कांग्रेस को आपदा प्रबंधन के टिप्स सीखने चाहिए ताकि वे गहलोत की मदद कर सकें।

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