पटना, (रिपोर्टर) : उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के ट्वीट कर कहा कि  जिस समुदाय के ज्यादातर बच्चों को मजहबी तालीम तक सीमित रख कर उनके लिए करिअर के मौके कम कर दिये गए,कट्टरता को बढ़ावा दिया गया और बहुत दिनों तक उन्हें यह झूठ बताया जाता रहा कि पोलियो की खुराक पिलाने से नपुंसकता होती है।  उसी समुदाय को अब नागरिकता कानून, जनगणना और एनपीआर के खिलाफ भडक़ा कर राजनीतिक रोटी सेंकी जा रही है।
 जिस दिन यह समुदाय बच्चों को कुरआन के साथ साइंस, तकनीक पढ़ाने पर जोर देने लगेगा और विकास की मुख्यधारा में शामिल हो जाएगा।  इनके घरों से अफजल नहीं, कलाम निकलेंगे।  महागठबंधन को डर है कि तब इनकी राजनीतक दुकानें बंद हो जाएंगी।
श्री मोदी ने कहा कि  केंद्र सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि जनगणना हर दस साल पर होने वाली रुटीन प्रक्रिया है और इसके लिए कोई दस्तावेज या सबूत नहीं मांगा जाएगा।  फिर भी कांग्रेस और राजद दुष्प्रचार कर एक समुदाय को गुमराह कर जनगणना को विफल करना चाहते हैं।  वे सरकार को गरीबों-दलितों के कल्याण की योजनाएं बनाने से रोकने के लिए जनगणना और एनपीआर का विरोध कर रहे हैं।

Share To:

Post A Comment: