नईदिल्ली, (रिपोर्टर) :  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट  के 150 वर्षों के उपलक्ष्य में मूल पोर्ट जेटी के स्थल पर एक पट्टिका का अनावरण किया। श्री मोदी ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ समारोह में शामिल होने को सौभाग्य की बात बताते हुए इसे देश की जल शक्ति का एक ऐतिहासिक प्रतीक बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बंदरगाह भारत के विदेशी शासन से आजाद होने जैसे देश के कई ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी रहा है। इस बंदरगाह ने सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह तक देश को बदलते देखा है। इस बंदरगाह ने न केवल खेपें, बल्कि ज्ञान के वाहक भी देखे हैं जिन्होंने देश और दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी है। कोलकाता का यह बंदरगाह एक तरह से औद्योगिक, आध्यात्मिक और आत्मनिर्भरता के लिए भारत की आकांक्षा का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान पोर्ट एंथम का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात के लोथल बंदरगाह से कोलकाता बंदरगाह तक भारत का लंबा तटीय क्षेत्र न केवल व्यापार और व्यवसाय में लगा रहा बल्कि दुनिया भर में सभ्यता और संस्कृति के प्रसार का भी काम करता रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मानती ​​है कि हमारे तट विकास के द्वार हैं। यही कारण है कि सरकार ने बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और बंदरगाहों को जोड़ने के काम में सुधार के लिए सागरमाला परियोजना शुरू की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 3600 परियोजनाओं की पहचान की गई है। इनमें से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 200 से अधिक परियोजनाएं चल रही हैं और लगभग एक सौ पच्चीस परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कोलकाता बंदरगाह नदी जलमार्गों के निर्माण के कारण पूर्वी भारत के औद्योगिक केंद्रों से जुड़ा हुआ है। इससे नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जैसे देशों के साथ व्यापार करना आसान हो गया है। प्रधानमंत्री ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि बंगाल के पुत्र डॉ. मुखर्जी ने देश में औद्योगीकरण की नींव रखी और चित्तरंजन लोकोमोटिव फैक्ट्री, हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट फैक्ट्री, सिंदरी फर्टिलाइज़र फैक्ट्री और दामोदर वैली कॉरपोरेशन जैसी परियोजनाओं के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि मुझे बाबा साहेब भी याद हैं। डॉ. मुखर्जी और बाबा साहेब ने स्वतंत्रता के बाद के भारत को एक नया दृष्टिकोण दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के सेवानिवृत्त और मौजूदा कर्मचारियों के पेंशन फंड की कमी को पूरा करने के लिए अंतिम किस्त के रूप में 501 करोड़ रुपये का चेक भी सौंपा। उन्होंने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के दो सबसे पुराने पेंशनधारकों श्री नगीना भगत (105 वर्ष) और श्री नरेश चंद्र चक्रवर्ती (100 वर्ष) को सम्मानित भी किया। प्रधानमंत्री ने सुंदरबन की 200 आदिवासी छात्राओं के लिए कौशल विकास केंद्र और प्रीतिलता छात्रावास का उद्घाटन किया। पीएम ने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल खासकर वहां के गरीबों, वंचितों और शोषितों के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार आयुष्मान भारत योजना और पीएम किसान सम्मान निधि योजना को मंजूरी देगी, यहां के लोगों को भी इन योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष ड्राई डॉक में कोचीन कोलकाता जहाज मरम्मत इकाई के उन्नत जहाज मरम्मत सुविधा का भी उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ने फुल रेक हैंडलिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया और सुचारू कार्गो आवाजाही और जहाज पर माल लादने एवं उतारने की प्रक्रिया में लगाने वाले समय को कम करने के लिए कोलकाता के डॉक सिस्टम के उन्नत रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के बर्थ नंबर 3 के मशीनीकरण और प्रस्तावित रिवरफ्रंट विकास योजना का भी शुभारंभ किया।

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