पटना, (रिपोर्टर) : राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के तत्वावधान में इंटरनेशनल ट्रासन्सपोर्ट फेडरेशन (आई.टी.एफ) लदन के बैनर तले मारवाड़ी आवास गृह में परिवहन एवं लोडिंग-अनलोडिंग से जुड़े श्रमिकों को प्रशिक्षण एवं उन्हें संगठित करने से संबंधित दो दिवसीय कार्याशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला का उद्घाटन चन्द्र प्रकाश सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष-सह-प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) तथा एशिया प्रशांत क्षेत्र के उपसचिव संगम त्रिपाठी द्वारा किया गया।

कार्यशाला में श्री सिंह ने श्री त्रिपाठी की ध्यान बिहार के लोडिंग-अनलोडिंग एवं परिवहन से जुड़े श्रमिकों की वर्तमान दशा की ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि बिहार में कार्यरत्त लोडिंग-अनलोडिंग मजदूरों की स्थिति काफी दयनीय है। सरकार का भी रवैया उनके प्रति काफी उदासीनता भरा है। लोडिंग-अनलोडिंग कामगारों को न ही सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी मिलता है, न ही कार्यस्थल पर कोई सुविधा दी जाती है, न ही किसी प्रकार की कोई सामाजिक सुरक्षा दी जाती है तथा न नौकरी की सुरक्षा है।। यहां तक उन्हें हमेशा ठीकेदार/प्रबंधन द्वारा डरा-घमका कर काम लिया जाता है। उक्त कार्यशाला में उपस्थित हुये मजदूरों ने भी अपने विचार रखें और कार्यस्थल पर होनेवाली परेशानियों एवं प्रबंधन तथा ठीकेदार द्वारा की जा अमानवीय व्यवहार एवं खुल्लेआम श्रम कानूनों का हो रहे उल्लंघन के बारे मे अपनी व्यथा सुनाई।

श्री त्रिपाठी ने बिहार के परिवहन से जुड़े कामगारों खासकर लोडिंग अनलोडिंग कामगारों की वर्तमान स्थिति एवं सरकार द्वारा लागू की जा रही श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ मजूदरों को एकजूट होने का आह्वान किया और कहा कि आज आई.टी.एफ से जुड़े देशो की संख्या 160 है तथा श्रमिकों की संख्या विश्व भर में करीब 2.5 करोड़ है और उनकी फेडरेशन यह चाहती है कि वे बिहार में भी लोडिंग-अनलोडिंग से जुड़े कामगारों के हित एवं उनके अधिकार को दिलाने के लिए इंटक के साथ मिलकर कार्य करेगी।

कार्यशाला के प्रथम दिन इंटक बिहार की ओर से श्रीनंदन मंडल, महामंत्री, आलोक रंजन श्रीवास्तव, महामंत्री, अखिलेश पाण्डेय, संगठन मंत्री, तथा इंटक से संबद्ध लोडिंग-अनलोडिंग के कार्य से जुड़े यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखें। 


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