पटना, (रिपोर्टर) : बिहार नव निर्माण मंच ने राज्य सरकार  पर  सरकारी खजाने से मिट्टी- गिट्टी घोटाले करने का  आरोप लगाया।   मंच नेताओ ने कहा कि  प्रदेश में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विश्वास में लेकर विभागीय मंत्रियों के इशारे पर बड़े अधिकारियों की मिलीभगत से गरीब जनता की गाढ़ी कमाई से अर्जित सरकारी धन की लूट मची हुई है। देश में मिट्टी-गिट्टी की चोरी का इतना बड़ा उदाहरण कभी देखने को नहीं मिला। मंच मांग करती है कि इस घोटाले की जांच  सीबीआई से हो।
नेताओ ने कहा कि केवल सिंचाई विभाग में तत्कालीन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने अरबों रुपए का घोटाला किया है। इन नेताओं ने इसी विभाग की सिर्फ  एक योजना ‘बागमती नदी के दक्षिणी तट के लगभग 90 किलोमीटर में उन्नतयीकरण और मजबूतीकरण कार्य में 300 करोड़ पर के बंदरबांट का आरोप लगाते हुए उसका कागजी प्रमाण पेश किया।  एक गरीब राज्या में जनता के गाढ़ी टैक्स  के पैसे का इतना बड़ा लूट नीतीश कुमार करवा रहे हैं। पेपर में एसबीडी के माध्यम अनुसार नियमों का उल्लंघन कर चड्डा एंड चड्डा को टेंडर दिलाने की जुगत की गई। 
पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा ने कहा कि 15 सालों में लगभग 3 लाख करोड़ से ऊपर का कार्य निर्माण के क्षेत्र में हुआ है। जान-बूझकर टेंडर ऐसे रखे गए कि इन कार्यों हेतु टेंडर स्थानीय कॉन्ट्रैक्टर को न मिल सके। यह बिहार के ठेकेदारों के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने कई तरह से जनता के पैसों का बंदरबांट किया है। सरकार ने बड़े पैमाने पर इस्टीउमेट घोटला किया है, जिसे तत्काजलीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी उजागर करने वाले ही थे कि नीतीश ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया।
संवाददाता सम्मेलन में  पूर्व सांसद अरूण कुमार, पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह, अनिल कुमार, विजय कुशवाहा, राघवेंद्र कुशवाहा उपस्थित थे।

Share To:

Post A Comment: