पटना, (रिपोर्टर) : आजादी के 74 वर्षों तक अतिपिछड़ों के साथ अन्याय हुआ है। इस समाज को सत्ता और सम्पति से वंचित रख गया है। जिसकी आबादी जन संख्या के आधार पर 36 फिसदी है उसे राजनीति में भिखारी बना कर रखा गया है।

यह बात आज कुर्जी पटना में लोक जनशक्ति पार्टी (सेक्यूलर) द्वारा आयोजित विन्द सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सत्यानन्द शर्मा ने कहा कि अतिपिछड़ों को आज तक राजनीति के जुठन पत्तल पर भोज कराने की परम्परा रही है। इसे तोडऩा पड़ेगा। नयी राजनीति गढऩा पड़ेगा। देश के आजादी के इतने लम्बे इतिहास में अतिपिछड़ों की दुहाई देने वाले और वोट प्राप्त करने वाले नेताओं इक्का-दुक्का को विधान सभा, विधान परिषद में जगह देकर वोट बटोरते रहे हैं। लेकिन अब समय आ गया कि अतिपिछड़ा अपनी आबादी के अनुसार अपनी शक्ति को पहचाने और अपना राज स्थापित करें। सत्ता पर पूर्ण रूप से काविज हो।


आगे डा. शर्मा ने कहा कि 2020 में अतिपिछड़ा अपना मुख्यमंत्री बनाने जा रहा है। इसके लिए दलित अतिपिछड़ा और स्वर्ण समाज की गोलबंदी लोजपा (से.) कर रही है। सब को एक जूट हो कर सत्ता पर काविज होने का आहवान किया।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि पद से बोलते हुए युवा लोजपा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार पासवान ने कहा कि दलित अतिपिछड़ा एक साथ मिल कर सरकार बनायेंगे। सरकार अनान के लिए त्याग और परिश्रम करना है। बड़ी जमात को गोलबंद करना है। सम्मेलन को पार्टी के महासचिव रामानन्द शर्मा, रीत लाल विन्द, शम्भु महतो, रामनरेष षर्मा सहित अनेकों वक्ताओं ने संबोधित किया।


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